नयी दिल्ली, तीन अप्रैल (भाषा) जन विश्वास (संशोधन) विधेयक 2026 पारित होने के बाद दिल्ली मेट्रो में बिना अनुमति के किसी भी वस्तु को बेचने या बिक्री के लिए प्रदर्शित करने पर मेट्रो रेलवे (संचालन और रखरखाव) अधिनियम 2002 के तहत 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
संसद ने बृहस्पतिवार को इस विधेयक को मंजूरी प्रदान कर दी।
इस विधेयक में कुछ छोटे अपराधों को आपराधिक दंड से दीवानी दंड में परिवर्तित करने का प्रस्ताव है। इनमें मेट्रो रेल के डिब्बों या परिसर में किसी भी वस्तु की अनधिकृत बिक्री या बिक्री के लिए पेशकश करना शामिल है।
वर्तमान में ऐसे अपराध के लिए 100 रुपये से 400 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाता है। संशोधित प्रावधानों के तहत अधिनियम की धारा 73 के तहत अब 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
भाषा
शुभम अविनाश
अविनाश