जम्मू, 25 मई (भाषा) लोकसभा चुनाव के छठे चरण के दौरान शनिवार को अनंतनाग-राजौरी संसदीय क्षेत्र में लगभग 40 प्रतिशत प्रवासी कश्मीरी पंडितों ने मतदान किया।
इस बार इस निर्वाचन क्षेत्र में 2019, 2014 और 2009 के चुनावों की तुलना में मतदान प्रतिशत में उल्लेखनीय वृद्धि हूई है।
अनंतनाग-राजौरी में मतदान पूरा होने के साथ ही जम्मू कश्मीर में इस बार के लोकसभा चुनाव के लिए चुनावी प्रक्रिया समाप्त हो गई है राज्य के अन्य चार निर्वाचन क्षेत्रों में इससे पहले ही मतदान हो चुका है।
राहत आयुक्त अरविंद कारवानी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ”अनंतनाग-राजौरी लोकसभा क्षेत्र में लगभग 40 प्रतिशत प्रवासी कश्मीरी पंडितों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।’
उन्होंने बताया कि समुदाय के 27,000 योग्य मतदाताओं में से लगभग 40 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। आंकड़ों की बात करें तो 10 हजार प्रवासी कश्मीरी पंडितों ने मतदान किया।
जम्मू, उधमपुर और दिल्ली में प्रवासी कश्मीरी पंडितों के लिए बनाए गए 34 विशेष मतदान केंद्रों पर सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ। प्रवासियों के लिए चौंतीस मतदान केंद्र बनाए गए थे, जिनमें जम्मू में 21, दिल्ली में चार, उधमपुर में एक और आठ सहायक केंद्र शामिल हैं।
कारवानी ने कहा कि मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप पंडिता ने जगती नगर क्षेत्र में एक मतदान केंद्र पर विरोध प्रदर्शन किया, उन्होंने आरोप लगाया कि मतदान केंद्रों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता लोगों को चुनाव चिन्ह बल्ले वाले उम्मीदवार को वोट देने को कह रहे हैं।
पंडिता ने कहा, ‘कृपया उन्हें यहां से हटाएं, उनका यहां क्या काम है । वे लोगों को बल्ले के निशान पर वोट देने के लिए कह रहे हैं।’
यहां तक कि उन्होंने मतदान केंद्र का दौरा करने वाले पूर्व भाजपा विधायक और भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई के उपाध्यक्ष जीएल रैना के वाहन को भी रोक दिया।
शनिवार को अनंतनाग-राजौरी संसदीय क्षेत्र में मतदान की संख्या 2019 और 2014 के पिछले लोकसभा चुनावों की तुलना में अधिक थी।
इस निर्वाचन क्षेत्र में लगभग 18.36 लाख मतदाताओं में से 51.88 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
इस सीट के लिए 20 उम्मीदवार मैदान में हैं जिसमें मुख्य मुकाबला पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के प्रमुख गुर्जर नेता और पूर्व मंत्री मियां अल्ताफ अहमद के बीच है।
भाषा योगेश रंजन
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