देहरादून, 23 जून (भाषा) उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को कहा कि कर्णप्रयाग और नगरासू में सामने आई घटनाओं के संबंध में निष्पक्ष कार्रवाई की जा रही है और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ यहां हुई उच्चस्तरीय बैठक में कहा, ‘‘सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार, प्रशासन और पुलिस आवश्यक कार्रवाई कर रहे हैं। जांच में जो भी दोषी पाया गया है, उसके खिलाफ कार्रवाई की गई है और तथ्यों के आधार पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।’’
धामी ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट रुख है कि देवभूमि में ऐसा कोई कृत्य स्वीकार नहीं किया जाएगा, जिससे किसी व्यक्ति की गरिमा या किसी धर्म और आस्था को ठेस पहुंचे।
कर्णप्रयाग में 16 जून को स्थानीय लोगों और निहंग सिखों के बीच मामूली विवाद के दौरान कथित तौर पर तलवार से किये गये हमले में कुछ लोग घायल हो गए थे।
घटना में एक निहंग सिख भी घायल हुआ था।
पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर चार निहंग सिखों को गिरफ्तार किया था। कर्णप्रयाग घटना में गिरफ्तार निहंगों की रिहाई की मांग को लेकर 20 जून की शाम कुछ निहंग रुद्रप्रयाग जिले के बदरीनाथ राजमार्ग स्थित नगरासू गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए थे और छत पर जाने का द्वार बंद कर दिया था।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
धामी ने उत्तराखंड को आस्था, संस्कृति और प्रकृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की कि वे देवभूमि के शांत वातावरण में अपनी यात्रा का आनंद लें तथा किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।
धामी ने सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं प्रसारित करने वालों से समाज और समुदायों को बांटने वाले प्रयासों से बचने की अपील की।
उन्होंने कहा कि भ्रामक और भड़काऊ खबरें फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, हेमकुंड साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी मौजूद थे।
भाषा दीप्ति जितेंद्र
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