नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक : दिल्ली की अदालत ने पांच आरोपियों को सात दिन के लिए सीबीआई हिरासत में भेजा

Ads

नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक : दिल्ली की अदालत ने पांच आरोपियों को सात दिन के लिए सीबीआई हिरासत में भेजा

  •  
  • Publish Date - May 14, 2026 / 08:07 PM IST,
    Updated On - May 14, 2026 / 08:07 PM IST

नयी दिल्ली, 14 मई (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों को पूछताछ के लिए बृहस्पतिवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की सात दिन की हिरासत में भेज दिया।

सीबीआई के मामलों की सुनवाई करने वाले विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता की अदालत ने केंद्रीय एजेंसी की अर्जी पर सुनवाई की जिसमें इस मामले में पूरी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए सभी पांच आरोपियों को पूछताछ के लिए सात तक उसकी हिरासत में भेजने का अनुरोध किया गया था।

सीबीआई ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा तीन मई को आयोजित परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में कथित तौर पर संलिप्त होने के आरोपों में पांचों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया था।

अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों की पहचान नासिक (महाराष्ट्र)के शुभम खैरनार, जयपुर (राजस्थान) के मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल और दिनेश बिवाल और गुरुग्राम (हरियाणा) के यश यादव के रूप में हुई है।

विभिन्न राज्यों की स्थानीय अदालतों से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त करने के बाद सीबीआई ने उन्हें हिरासत में लिया।

राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) 2026 परीक्षा तीन मई को आयोजित की गई थी। इसके प्रश्न पत्र के लीक होने की खबरों के बाद राजस्थान स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने जांच शुरू की।

एनटीए ने गत मंगलवार को नीट-यूजी 2026 को रद्द करने की घोषणा की और कहा कि परीक्षा बाद में घोषित की जाने वाली तिथियों पर पुनः आयोजित की जाएगी।

सीबीआई की ओर से आरोपियों की हिरासत लेने के लिए दाखिल अर्जी में दलील दी गई कि परीक्षा से पहले व्हाट्सऐप और टेलीग्राम के माध्यम से पीडीएफ प्रारूप में प्रश्न प्रसारित किए गए जिससे परीक्षा की सुचिता भंग हुई।

उच्च शिक्षा विभाग (एनटीए प्रभाग) के निदेशक वरुण भारद्वाज की शिकायत पर 12 मई को प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

विशेष लोक अभियोजक वीके पाठक और नीतू सिंह ने अदालत को सूचित किया कि राजस्थान के विशेष अभियान समूह (एसओजी) द्वारा की गई जांच में कथित तौर पर कुछ लीक हुए प्रश्नों की प्रामाणिकता की पुष्टि हुई, जिसके बाद सरकार ने परीक्षा रद्द कर दी।

पाठक ने कहा, ‘‘अप्रैल 2026 में, नासिक निवासी शुभम ने यश यादव को सूचित किया कि मांगीलाल ने अपने छोटे बेटे के लिए नीट-यूजी 2026 से पहले लीक प्रश्नपत्रों को प्राप्त करने लिए 10-12 लाख रुपये की पेशकश करते हुए संपर्क किया था।’’

एजेंसी ने दावा किया कि 29 अप्रैल को यश यादव ने लीक हुए भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के प्रश्न पत्रों को पीडीएफ प्रारूप में टेलीग्राम के माध्यम से साझा किया था।

सीबीआई के मुताबिक, मांगीलाल ने कथित तौर पर यादव से 10 लाख रुपये करार किया और लीक हुए प्रश्नपत्र प्राप्त किए और उनकी मुद्रित प्रतियां अपने बेटे अमन बिवाल सहित नीट के अभ्यर्थियों और अपने रिश्तेदारों तथा परिचितों को वितरित कीं।

एजेंसी ने आरोप लगाया कि विकास बिवाल ने कई उम्मीदवारों से संपर्क किया और लीक हुए प्रश्न पत्रों को प्रसारित करने के लिए व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम के माध्यम से यादव के साथ उनके विवरण साझा किए।

सीबीआई ने कहा, ‘‘29 अप्रैल, 2026 को शुभम ने कथित तौर पर यश यादव को सूचित किया कि वह भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के लीक हुए प्रश्न पत्र उपलब्ध कराएगा, जिनमें लगभग 500-600 प्रश्न होंगे जिन्हें पढ़कर अभ्यर्थी अच्छे अंक प्राप्त कर सकेंगे, जिससे प्रतिष्ठित चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रवेश सुनिश्चित हो सकता है।’’

एजेंसी ने अदालत को बताया कि आरोपियों के मोबाइल फोन से अपराध में संलिप्तता का संकेत करने वाले चैट, लीक हुए प्रश्न पत्र और अन्य डिजिटल सबूत मिले हैं, जबकि कुछ मिटाई गई जानकारी प्राप्त कनने के लिए फोरेंसिक जांच की आवश्यकता होगी।

सीबीआई ने आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जरूरत को रेखांकित करते हुए अदालत से कहा कि अन्य आरोपियों की पहचान करने, लीक के स्रोत का पता लगाने, डिजिटल और वित्तीय गतिविधियों का विश्लेषण करने, सबूत बरामद करने और एनटीए अधिकारियों की संभावित संलिप्तता की जांच करने के लिए उन्हें हिरासत में लेना आवश्यक है।

भाषा धीरज नरेश

नरेश