वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए केरल में नेहरू वैज्ञानिक चेतना केंद्र शुरू होंगे: सतीशन

Ads

वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए केरल में नेहरू वैज्ञानिक चेतना केंद्र शुरू होंगे: सतीशन

  •  
  • Publish Date - June 1, 2026 / 03:55 PM IST,
    Updated On - June 1, 2026 / 03:55 PM IST

तिरुवनंतपुरम, एक जून (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने सोमवार को घोषणा की कि छात्रों में वैज्ञानिक सोच और जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नाम पर ‘‘वैज्ञानिक चेतना केंद्र’’ शुरू करेगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार छात्रों को वैश्विक मानकों के अनुरूप शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संस्थानों की तर्ज पर उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करेगी।

पट्टम स्थित सरकारी आदर्श कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय में स्कूलों के फिर से खुलने के अवसर पर राज्य-स्तरीय ‘प्रवेशोत्सवम’ की शुरुआत करते हुए सतीशन ने कहा कि नेहरू वैज्ञानिक चेतना के महत्व पर जोर देने वाले पहले नेता थे और सरकार राज्य भर में समर्पित केंद्रों के माध्यम से उस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएगी, इसलिए देश के प्रथम प्रधानमंत्री के नाम पर राज्य में ‘‘वैज्ञानिक चेतना केंद्र’’ स्थापित किए जाएंगे।

उनके अनुसार, सामान्य और उच्च शिक्षा दोनों क्षेत्रों में बड़े बदलाव किए जाएंगे तथा केरल वैश्विक विकास के अनुरूप शैक्षणिक संस्थानों और पाठ्यक्रमों का विकास करेगा।

सतीशन ने तेजी से बदलती दुनिया के अनुरूप छात्रों को तैयार करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार को बच्चों को जानकारी के त्वरित प्रसार और अभूतपूर्व तकनीकी प्रगति के इस दौर में सफल होने के लिए सक्षम बनाना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) मानव बुद्धि से कहीं अधिक उन्नत बुद्धिमता (सुपर इंटेलिजेंस) की ओर बढ़ रही है। हम निरंतर परिवर्तन के दौर में जी रहे हैं और छात्रों को नवीनतम विकास के साथ खुद को लगातार अद्यतन रखना होगा।’’

सतीशन ने कहा कि सरकार ऐसी संस्थाओं के निर्माण पर विचार कर रही है जो न केवल विश्वस्तरीय शिक्षा प्रदान करेंगी, बल्कि विदेशी छात्रों को भी आकर्षित करेंगी।

बच्चों को केरल का सबसे बड़ा निवेश बताते हुए उन्होंने माता-पिता और शिक्षकों का समर्थन मांगा और उनका आह्वान किया कि वे कम उम्र से ही बच्चों की प्रतिभा और क्षमताओं की पहचान करें और उन्हें निखारें।

नशे की बढती समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने छात्रों से मादक पदार्थों के खिलाफ दृढ़ रुख अपनाने और इनके सेवन से दूर रहने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री के नये शैक्षणिक वर्ष के समारोहों का उद्घाटन करने से पहले छात्रों और शिक्षकों द्वारा आयोजन स्थल पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

भाषा सं सुरेश

सुरेश