नयी दिल्ली, 28 जुलाई (भाषा) विदेशी निवेशकों द्वारा स्वदेश वापसी में वृद्धि और विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (ओडीआई) के बढ़ते बहिर्प्रवाह के कारण हाल के वर्षों में शुद्ध विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) में गिरावट आई है, जो वित्तवर्ष 2023 के 27.99 अरब डॉलर से घटकर वित्तवर्ष 2026 में 6.95 अरब डॉलर रह गई है। सरकार ने मंगलवार को संसद को यह जानकारी दी।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने रिजर्व बैंक के आंकड़ों के हवाले से राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि वित्त वर्ष 2024 में शुद्ध एफडीआई घटकर 10.13 अरब डॉलर और वित्त वर्ष 2025 में 96 करोड़ डॉलर रह गया।
सकल संदर्भ में, उन्होंने कहा, भारत ने वित्तवर्ष 2026 में 94.84 अरब डॉलर का रिकॉर्ड एफडीआई प्रवाह दर्ज किया, जबकि वित्तवर्ष 2025 में यह 80.61 अरब डॉलर था।
उन्होंने कहा कि शुद्ध एफडीआई प्रवाह में हालिया रुझान विदेशी निवेशकों द्वारा बढ़े हुए प्रत्यावर्तन या विनिवेश और बढ़ते विदेशी प्रत्यक्ष निवेश बहिर्वाह से जुड़ा है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में अधिसूचित उदारीकृत ओडीआई नियमों के कारण ओडीआई बहिर्वाह भारतीय संस्थाओं को विदेशों में अपने व्यापार को बढ़ाने में मदद कर रहा है जिससे वे वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हो रहे हैं। इससे लंबे समय में भारतीय अर्थव्यवस्था की ताकत बढ़ रही है।
भाषा राजेश राजेश अविनाश
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