शिलांग, 21 अगस्त (भाषा) मेघालय में पिछले 24 घंटे के दौरान सरकारी संपत्तियों को निशाना बनाकर आगजनी और पेट्रोल बम हमले की नई घटनाएं सामने आई हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि दो दिन पहले शिलांग में छात्रों की मोटरसाइकिल रैली के दौरान शुरू हुई हिंसा अब राज्य के अन्य हिस्सों तक फैल गई है। वहीं, असम में नाकेबंदी के कारण अंतरराज्यीय वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
अधिकारियों के अनुसार, शिलांग में एक पुलिस चौकी पर पेट्रोल बम फेंका गया, जबकि री-भोई में तीन सरकारी वाहनों और एक मोटरसाइकिल को आग के हवाले कर दिया गया। दक्षिण पश्चिम खासी हिल्स जिले में भी एक सरकारी कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंका गया।
इन सभी घटनाओं में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि, बुधवार को हुई हिंसा के बाद इन घटनाओं से राज्य में तनाव और बढ़ गया है। बुधवार की हिंसा में कम से कम 31 वाहन, जिनमें ज्यादातर असम के पंजीकरण वाले वाहन थे, क्षतिग्रस्त हुए थे और कई लोगों के साथ मारपीट की गई थी।
केंद्र सरकार ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने में राज्य पुलिस की सहायता के लिए बृहस्पतिवार को मेघालय में 25 अगस्त तक केंद्रीय बलों की पांच कंपनियां तैनात करने को मंजूरी दी थी। इनमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की चार और त्वरित कार्य बल (आरएएफ) की एक कंपनी शामिल है।
अधिकारियों ने बताया कि शिलांग में स्थिति काफी हद तक शांतिपूर्ण रही। हालांकि बृहस्पतिवार रात करीब साढ़े नौ बजे नोंगमेंसोंग में एक पुलिस चौकी पर पेट्रोल बम फेंका गया।
उन्होंने बताया कि बम चौकी परिसर के अंदर गिरा और एक कुर्सी में आग लग गई। घटना के समय इमारत की ऊपरी मंजिल पर सीआरपीएफ के जवान मौजूद थे। किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी और इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जाएगी।
वहीं, री-भोई में उपद्रवियों ने बृहस्पतिवार रात करीब दो बजे सैडेन स्थित जल संसाधन विभाग के परिसर में खड़े दो सरकारी वाहनों और एक मोटरसाइकिल को आग लगा दी।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
दक्षिण पश्चिम खासी हिल्स जिले में उपद्रवियों ने मावकिरवाट के पास मावलांगविर गांव स्थित पशुपालन एवं पशु चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय पर रात करीब एक बजे पेट्रोल बम फेंका।
अधिकारियों ने बताया कि बम कार्यालय की छत पर गिरा, लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ।
जिले के पुलिस अधीक्षक बी. जिरवा ने बताया कि पड़ोसियों ने धमाके की आवाज सुनी, लेकिन मौके पर किसी को नहीं देखा।
ईस्ट खासी हिल्स के पुलिस अधीक्षक विवेक सिएम ने बताया कि शिलांग में हुई हिंसा के सिलसिले में बृहस्पतिवार को 15 प्राथमिकी दर्ज की गईं।
इस बीच, असम-मेघालय सीमा के पास जोरबाट और खानापाड़ा में गुवाहाटी के टैक्सी संचालकों और परिवहन कर्मियों की नाकेबंदी से राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर मेघालय पंजीकरण वाले वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।
शुक्रवार को जोरबाट में यात्रियों को वाहनों से उतार दिया गया और उन्होंने असम की टैक्सियों से आगे की यात्रा की। वहीं, गुवाहाटी से मेघालय जाने वाली टैक्सियों को बिना यात्रियों के आगे जाने दिया गया।
एंबुलेंस और आवश्यक सेवाओं वाले वाहनों को नाकेबंदी से छूट दी गई।
गुवाहाटी पुलिस ने बताया कि खानापाड़ा में प्रदर्शनकारियों ने मेघालय पंजीकरण वाली एक टैक्सी को क्षतिग्रस्त कर दिया जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।
पश्चिम गारो हिल्स के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के वाहन को भी प्रदर्शनकारियों ने रोका, लेकिन बाद में उसे शिलांग जाने दिया गया।
असम के चालक संगठनों और पर्यटक टैक्सी संचालकों ने मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा और पर्यटन मंत्री से माफी की मांग की है। उन्होंने क्षतिग्रस्त वाहनों और घायलों के लिए मुआवजा तथा मेघालय में असम पंजीकरण वाले वाहनों और चालकों की सुरक्षा को लेकर लिखित आश्वासन की मांग की है।
उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक मेघालय पंजीकरण वाले वाहनों को असम में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
असम में सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने कम से कम छह महीने तक पर्यटन स्थल के रूप में मेघालय के बहिष्कार की अपील भी की है।
अंतरराज्यीय तनाव कम करने के प्रयास के तहत मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा और असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने हालिया हिंसा और व्यवधानों के बाद शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई है।
माना जा रहा है कि दोनों सरकारें आगे ऐसी घटनाओं को रोकने, यात्रियों और परिवहन संचालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध आवाजाही के उपायों पर चर्चा करेंगी।
मेघालय सरकार ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और तनाव बढ़ाने वाली गतिविधियों से बचने की अपील की है।
भाषा शोभना नरेश
नरेश