एनजीटी ने पूर्वी दिल्ली में एसटीपी का उपयुक्त रखरखाव नहीं होने की शिकायत पर कार्रवाई का निर्देश दिया
एनजीटी ने पूर्वी दिल्ली में एसटीपी का उपयुक्त रखरखाव नहीं होने की शिकायत पर कार्रवाई का निर्देश दिया
नयी दिल्ली, 10 फरवरी (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली जल बोर्ड और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को एक याचिका के संबंध में उपचारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है, जिसमें मलजल शोधन संयंत्र (एसटीपी) के अनुचित रखरखाव एवं आसपास के क्षेत्र में उसकी वजह से स्वास्थ्य खतरों का आरोप लगाया गया है।
एनजीटी पूर्वी दिल्ली में लोनी रोड के एक निवासी कल्याण संघ (आरडब्ल्यूए) की याचिका पर सुनवाई कर रहा है। याचिका में दावा किया गया है कि समीप का एक मलजल शोधन संयंत्र उचित रखरखाव के अभाव में बदबूदार गैसें उत्सर्जित कर रहा है तथा लोगों के स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर रहा है।
एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल की पीठ ने नौ फरवरी को जारी एक आदेश में कहा कि शिकायत की उचित जांच और निवारण की आवश्यकता है, जिस पर दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के वकील ने आश्वासन दिया कि उचित कार्रवाई की जाएगी।
पीठ ने कहा,“अतः हम मूल आवेदन का निपटारा करते हुए डीजेबी को निर्देश देते हैं कि वह शीघ्र ही उचित सुधारात्मक कार्रवाई करे।”
डीपीसीसी के सदस्य सचिव को एसटीपी का निरीक्षण करने, निर्गमन बिंदु से नमूना एकत्र कर यह पता लगाने का निर्देश दिया गया कि यह इकाई पर्यावरणीय मानदंडों का अनुपालन कर रही है या नहीं।
पीठ ने कहा, ‘‘यदि कोई उल्लंघन पाया जाता है, तो सदस्य सचिव (एनजीटी) उचित दंडात्मक और सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।’’
एनजीटी ने अधिकारियों को आठ सप्ताह के भीतर आदेश का पालन करने का निर्देश दिया।
भाषा
राजकुमार पवनेश
पवनेश

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