एनआईए ने नक्सली विचारधारा को फिर पनपने से रोकने के लिए कई जगहों पर तलाशी ली

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एनआईए ने नक्सली विचारधारा को फिर पनपने से रोकने के लिए कई जगहों पर तलाशी ली

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  • Publish Date - August 30, 2024 / 09:58 PM IST,
    Updated On - August 30, 2024 / 09:58 PM IST

नयी दिल्ली, 30 अगस्त (भाषा) राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के फिर से सिर उठाने के प्रयासों को निष्फल करने के प्रयासों के तहत शुक्रवार को दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर तलाशी ली। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।

बयान के अनुसार अनेक आरोपियों और संदिग्धों से जुड़े नौ स्थानों पर तलाशी ली गई।

एनआईए के बयान के अनुसार पंजाब में चार स्थानों पर, उत्तर प्रदेश एवं हरियाणा में दो-दो स्थानों पर और दिल्ली में एक स्थान पर यह कार्रवाई की गई।

एजेंसी ने कहा कि ये सभी राज्य, हिमाचल प्रदेश के साथ नेशनल रीजनल ब्यूरो (एनआरबी) में शामिल हैं, जिसे उग्रवादी संगठन खुद को फिर से सक्रिय करने के लिए आक्रामक रूप से निशाना बना रहा है।

वर्तमान मामले में कई आरोपियों के करीबी सहयोगी माने जाने वाले संदिग्धों के परिसरों पर की गई तलाशी के दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन, पेन ड्राइव, कॉम्पैक्ट डिस्क, हार्ड ड्राइव, मेमोरी कार्ड, सिम कार्ड और पॉकेट डायरी आदि जब्त किए गए।

एनआईए की जांच में खुलासा हुआ कि संदिग्ध लोग ईस्टर्न रीजनल ब्यूरो (ईआरबी) के प्रमुख प्रशांत बोस से भाकपा (माओवादी) की विचारधारा के प्रचार के लिए धन प्राप्त कर रहे थे।

एनआईए ने कहा कि ईआरबी संदिग्धों को धन मुहैया करा रहा था ताकि वे अपने कार्यकर्ताओं की भर्ती कर सकें और उत्तरी राज्यों में संगठन को मजबूत कर सकें। इनके बारे में माना जाता है कि वे आरोपियों के लंबे समय से सहयोगी और सक्रिय कार्यकर्ता हैं।

एनआईए की जांच में कई सहयोगी संगठनों और छात्र शाखाओं की पहचान भी हुई है, जिन्हें भूमिगत कैडर के रूप में काम करने, भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने और प्रतिबंधित संगठन की विचारधारा के अनुसार हिंसक आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने के लिए उपयुक्त व्यक्तियों की पहचान करने का काम सौंपा गया है।

भाषा वैभव अविनाश

अविनाश