Nishikant Dubey On Rahul Gandhi : ‘सीताराम केसरी की धोती खोलकर कांग्रेस की अध्यक्ष बनी सोनिया’.. इस भाजपा सांसद ने सदन में ही कर दी कांग्रेस की बेइज्जती! कहा- राहुल का भाषण माइकल जैक्सन का शो

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महिला आरक्षण और परिसीमन पर संसद में बहस के दौरान बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पर निशाना साधा और उसके नेतृत्व व रुख पर सवाल उठाए।

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  • Publish Date - April 17, 2026 / 04:54 PM IST,
    Updated On - April 17, 2026 / 05:00 PM IST

Nishikant Dubey On Sonia Gandhi / Image Source : SCREENGRAB

HIGHLIGHTS
  • महिला आरक्षण बहस में निशिकांत दुबे का कांग्रेस पर हमला
  • कांग्रेस के रुख और भाषण शैली पर उठाए सवाल
  • सत्तापक्ष ने महिला आरक्षण को ऐतिहासिक कदम बताया

नई दिल्ली : Nishikant Dubey Speech Parliament  महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर संसद में चर्चा के दौरान शुक्रवार को विपक्ष ने जहाँ केंद्र सरकार पर निशाना साधा तो सत्तादल के सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा सरकार का आभार व्यक्त किया।इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने भी सदन में अपनी बात रखते हुए विपक्ष पर जमकर निशाना साधा।

कांग्रेस का भाषण माइकल जैक्सन के शो जैसा

निशिकांत दुबे ने कहा सोनिया केसरी की धोती खोलकर कांग्रेस अध्यक्ष बनीं है।  उन्होंने आगे कहा की पिछले दो दिन से हमारी सरकार महिलाओं को आरक्षण देने के लिए चिंतित है। देर रात तक हम यहां उपस्थित रहे। मुझे लगा कि कांग्रेस के जो लीडर हैं उनका जो भाषण है वो एक शो जैसा था, जैसा कि माइकल जैक्सन का।

सीताराम केसरी की धोती खोलकर कांग्रेस की अध्यक्ष बनी

उन्होंने कांग्रेस के इतिहास पर तंज कसते हुए 17 तारीख के महत्व का जिक्र किया। दुबे ने कहा कि 17 अप्रैल 1987 को राजीव गांधी पर बोफोर्स के आरोप लगे थे। उन्होंने आगे कहा की 17 अप्रैल 1998 को सोनिया गांधी सीताराम केसरी की धोती खोलकर कांग्रेस की अध्यक्ष बन गई।

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निशिकांत दुबे ने संसद में क्या कहा?

निशिकांत दुबे ने महिला आरक्षण और परिसीमन पर चल रही बहस के दौरान कांग्रेस के रुख और उसके नेताओं के भाषण पर सवाल उठाए।

यह विवाद किस मुद्दे को लेकर है?

यह विवाद महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन को लेकर संसद में चल रही चर्चा के दौरान सामने आया है।

सत्तापक्ष और विपक्ष का क्या रुख है?

सत्तापक्ष महिला आरक्षण को ऐतिहासिक कदम बता रहा है, जबकि विपक्ष परिसीमन और अन्य पहलुओं को लेकर सरकार की नीयत पर सवाल उठा रहा है।