बार-बार धमकियों के बाद भी कार्रवाई नहीं, यह बहुत गंभीर है: पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत

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बार-बार धमकियों के बाद भी कार्रवाई नहीं, यह बहुत गंभीर है: पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत

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  • Publish Date - April 13, 2026 / 03:06 PM IST,
    Updated On - April 13, 2026 / 03:06 PM IST

जयपुर, 13 अप्रैल (भाषा) पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सोमवार को राजस्थान विधानसभा परिसर पहुंचे, लेकिन सुरक्षा जांच के चलते अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।

विधानसभा भवन को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद वहां सुरक्षा जांच चल रही थी। गहलोत और जूली विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी से मिलने गए थे, लेकिन वह उस समय मौजूद नहीं थे।

विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बातचीत में दोनों नेताओं ने राज्य में बार-बार मिल रही बम धमकियों और दोषियों की गिरफ्तारी न होने पर भाजपा सरकार की आलोचना की।

गहलोत ने कहा, “यह बहुत गंभीर है कि बार-बार धमकियों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। उच्च न्यायालय और अन्य अदालतों व भवनों को कई बार धमकियां दी गई हैं, लेकिन सरकार और पुलिस प्रशासन क्या कर रहे हैं ?”

उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री को भी धमकियां मिली हैं, फिर भी कोई कार्रवाई दिखाई नहीं देती। यह गंभीर मामला है कि विधानसभा तक को धमकी दी जा रही है। सरकार क्या कर रही है।”

गहलोत ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा, “बलात्कार, छेड़छाड़ और महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार हो रहे हैं, लेकिन सरकार कहीं दिखाई नहीं देती। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।”

जूली ने भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा, “यह कैसी कानून-व्यवस्था है। बार-बार अलग-अलग कार्यालयों को बम धमकी दी जा रही है और अब विधानसभा को भी धमकी मिली है। हर बार ऐसी धमकी आने पर दहशत फैल जाती है, कामकाज बाधित होता है और पुलिस प्रशासन व्यस्त हो जाता है। यह बार-बार हो रहा है। सरकार क्या कर रही है।”

जूली ने कहा कि सरकार आरोपी को पकड़ने में नाकाम रही है और केवल बड़े-बड़े दावे कर रही है।

उन्होंने मुख्यमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से आग्रह किया कि स्थिति पर नियंत्रण करें क्योंकि राजस्थान में हालात बिगड़ रहे हैं और बलात्कार, धोखाधड़ी तथा साइबर धोखाधड़ी जैसे अपराध आम हो रहे हैं।

भाषा बाकोलिया

मनीषा

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