भुवनेश्वर, 17 जून (भाषा) उप चुनाव आयुक्त ज्ञानेश भारती ने ओडिशा के जिलाधिकारियों-सह-जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) को निर्देश दिया है कि राज्य में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान कोई भी पात्र मतदाता छूटने न पाए।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, भारती ने मंगलवार को एसआईआर प्रक्रिया की प्रगति की समीक्षा की और नौ जिलों के जिलाधिकारियों के साथ इसके कार्यान्वयन की स्थिति पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने यह निर्देश जारी किया।
बयान में कहा गया है कि उन्होंने गणना प्रपत्रों के वितरण, अब तक हुए डिजिटलीकरण की प्रगति और प्रक्रिया में देरी की वजह बनने वाले मुद्दों की समीक्षा की।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने उन्हें बताया कि राज्य में लगभग 3.33 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं में से 3.16 करोड़ (94.6 प्रतिशत) मतदाताओं की एसआईआर शुरू होने से पहले ही सफलतापूर्वक ‘मैपिंग’ (मिलान) की जा चुकी थी। इसके बाद केवल 5.34 प्रतिशत मतदाता ही ऐसे रह गए थे, जिनकी ‘मैपिंग’ नहीं हो पायी थी।
अधिकारियों ने कहा, ‘‘आज (16 जून) तक 99.20 प्रतिशत गणना प्रपत्र मतदाताओं को वितरित किए जा चुके हैं और इनमें से 46.44 प्रतिशत प्रपत्रों का डिजिटलीकरण भी किया जा चुका है।’’
उन्होंने बताया कि सुंदरगढ़ जिला प्रपत्र वितरण और डिजिटलीकरण, दोनों मामलों में सबसे आगे है।
कार्य की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए भारती ने अधिकारियों को 28 जून की समयसीमा से पहले पूरी प्रक्रिया संपन्न करने का निर्देश दिया।
इस बीच, ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी आर. एस. गोपालन ने कहा कि प्रपत्रों के वितरण और जमा करने की अंतिम तिथि 28 जून है, लेकिन अधिकारियों से इस प्रक्रिया को 23-24 जून तक पूरा करने के लिए कहा गया है।
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