(तस्वीर के साथ)
गुवाहाटी, 28 मार्च (भाषा) कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता डी.के. शिवकुमार ने शनिवार को यहां आरोप लगाया कि असम के प्रशासन जितना भ्रष्ट कोई अन्य प्रशासन नहीं है और दावा किया कि राज्य के सभी मंत्रियों के साथ ही उनके परिवार के सदस्य भी भ्रष्टाचार में शामिल हैं।
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर असम के मौजूदा मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार के पहले के आरोपों को लेकर सवाल उठाया और दावा किया कि भाजपा में शामिल होने वाला हर व्यक्ति ‘‘पूरी तरह से बेदाग’’ हो जाता है।
असम विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ पर्यवेक्षक शिवकुमार ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘असम में जिस तरह का प्रशासन चल रहा है, यहां जिस स्तर का भ्रष्टाचार हो रहा है, वैसा भ्रष्टाचार देश के किसी अन्य राज्य में नहीं है। पूरा मंत्रालय इसमें शामिल है। कुछ भाजपा नेता और यहां तक कि उनके परिवार के सदस्य भी इसमें लिप्त हैं।’’
कांग्रेस में 2015 में मंत्री रहते हुए शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों वाली भाजपा की ‘पुस्तिका’ का जिक्र करते हुए शिवकुमार ने पूछा, ‘‘उनके पुराने भ्रष्टाचार के आरोप कैसे मिट गए और वे बेदाग कैसे हो गए, भाजपा के चहेते कैसे बन गए? अमित शाह को इसका जवाब देना होगा। क्या उन्होंने (शर्मा को) गंगा या ब्रह्मपुत्र या किसी अन्य नदी में डुबकी लगाकर पाप धोये हैं? भाजपा में शामिल होने वाले सभी लोगों के पाप डुबकी लगाकर धोये जाते हैं।’’
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि असम के लोग बदलाव चाहते हैं और अगले महीने होने वाले चुनावों में निर्णायक रूप से मतदान करेंगे।
उन्होंने बताया कि पिछले 15 दिनों से वह बेंगलुरु में रहने वाले असमिया लोगों से मिलकर उनके विचार जानने की कोशिश कर रहे हैं।
शिवकुमार ने शर्मा पर ‘‘हिटलर की तरह’ सरकार चलाने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘अगर हम उन्हें बताते कि हम उनके विचार सोशल मीडिया पर प्रकाशित करना चाहते हैं, तो वे डर जाते हैं क्योंकि इससे उनकी जान को खतरा हो सकता है।’’
उन्होंने कहा कि सरकार की आलोचना करने पर मीडिया को भी धमकियां दी जा रही हैं। जब शिवकुमार से पूछा गया कि क्या प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई पर शर्मा द्वारा लगाए गए पाकिस्तान से संबंध के आरोपों का पार्टी की चुनावी संभावनाओं पर असर पड़ेगा, तो उन्होंने कहा कि इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘गौरव गोगोई सांसद हैं, प्रदेश पार्टी अध्यक्ष हैं और पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे हैं। शर्मा को गोगोई के नेतृत्व में हारने का डर है, इसलिए उन्होंने ये झूठे आरोप लगाए हैं। इस पर किसी ने विश्वास नहीं किया।’’
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रद्युत बोरदोलोई के भाजपा में शामिल होने का जिक्र करते हुए शिवकुमार ने कहा कि भाजपा को अपने खिलाफ लगे आरोपों पर सफाई देनी चाहिए।
बोरदोलोई आगामी चुनावों के लिए विपक्षी पार्टी की घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष थे और उन्होंने पिछले महीने सरकार के खिलाफ ‘आरोपपत्र’ तैयार किया था।
शिवकुमार ने कहा, ‘‘सरकार के खिलाफ हमारे आरोप बेहद गंभीर हैं। और ये आरोप उस व्यक्ति (बोरदोलोई) ने लगाए हैं जो भाजपा में शामिल हुए और अब उनके पार्टी उम्मीदवार हैं। भाजपा को इन आरोपों का जवाब देना होगा।’’
असम विधानसभा की 126 सीटों के लिए चुनाव नौ अप्रैल को होंगे और मतों की गिनती चार मई को होगी।
कांग्रेस 2016 से असम में सत्ता से बाहर है।
भाषा
गोला संतोष
संतोष