नये गेमिंग कानून के तहत कोई भी ऑनलाइन गेम पंजीकृत नहीं किया गया है : सरकार ने सीआईसी से कहा

नये गेमिंग कानून के तहत कोई भी ऑनलाइन गेम पंजीकृत नहीं किया गया है : सरकार ने सीआईसी से कहा

नये गेमिंग कानून के तहत कोई भी ऑनलाइन गेम पंजीकृत नहीं किया गया है : सरकार ने सीआईसी से कहा
Modified Date: September 18, 2026 / 06:50 pm IST
Published Date: September 18, 2026 6:50 pm IST

नयी दिल्ली, 18 सितंबर (भाषा) इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) को बताया है कि भारतीय ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण (ओजीएआई) ने अब तक किसी भी ऑनलाइन गेम को पंजीकृत नहीं किया है, जबकि ऑनलाइन गेमिंग से संबंधित 201 शिकायतें एक सितंबर, 2026 तक प्राप्त हुई हैं।

यह जानकारी सूचना का अधिकार (आरटीआई) आवेदन के जवाब में दी गई, जिसमें संचालन की अनुमति प्राप्त ऑनलाइन गेम, ऑनलाइन गेम के संबंध में मिली शिकायतों और फर्जी ऑनलाइन गेम के खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्योरा मांगा गया था।

देश में ऑनलाइन गेमिंग के नियमन के लिए नया कानून ‘ऑनलाइन गेमिंग के प्रोत्साहन और विनियमन अधिनियम, 2025’ कानूनी ढांचा प्रदान करता है। यह अधिनियम और ‘ऑनलाइन गेमिंग के प्रोत्साहन और विनियमन नियम, 2026’ इस साल एक मई से लागू हुए। इनमें नियामकीय ढांचे की निगरानी के लिए ओजीएआई के गठन का प्रावधान किया गया है।

मंत्रालय ने सीआईसी के समक्ष दिए गए अपने जवाब में बताया कि अधिनियम की धारा आठ के तहत गठित ओजीएआई को इस साल 22 अप्रैल को राजपत्र अधिसूचना के जरिये औपचारिक रूप से स्थापित किया गया।

मंत्रालय ने शुरुआत में आवेदक को बताया था कि अप्रैल 2023 में अधिसूचित सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 में ऑनलाइन गेमिंग मंचों सहित मध्यस्थों के लिए नियामकीय ढांचा उपलब्ध कराया गया था।

हालांकि, मंत्रालय ने कहा कि आईटी नियम, 2021 के तहत ऑनलाइन गेमिंग से संबंधित प्रावधान लागू नहीं किए जा सके।

आवेदक ने इस जवाब को चुनौती देते हुए आरोप लगाया था कि दी गई जानकारी अधूरी, गलत और भ्रामक है। प्रथम अपीलीय प्राधिकरण ने केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी (सीपीआईओ) के जवाब को बरकरार रखा।

सीआईसी में हुई सुनवाई के दौरान मंत्रालय ने बताया कि नया अधिनियम 22 अगस्त, 2025 को अधिसूचित किया गया था, जबकि नियमों को 22 अप्रैल, 2026 को अधिसूचित किया गया।

मंत्रालय ने कहा कि नए कानूनी और नियामकीय ढांचे के तहत ‘‘किसी ऑनलाइन गेम को पंजीकरण नहीं दिया गया है, जबकि एक सितंबर, 2026 तक 201 शिकायतें प्राप्त हुई थीं।’’

सूचना आयुक्त पी. आर. रमेश ने कहा कि आरटीआई कानून के तहत आवेदक उपलब्ध रिकॉर्ड में मौजूद सूचना मांग सकता है और सीपीआईओ को नयी सूचना तैयार करने, निष्कर्ष निकालने या स्पष्टीकरण देने की आवश्यकता नहीं है।

भाषा शफीक माधव

माधव


लेखक के बारे में