फुजैराह या यूएई से भारतीयों को निकालने की कोई योजना नहीं है: विदेश मंत्रालय

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फुजैराह या यूएई से भारतीयों को निकालने की कोई योजना नहीं है: विदेश मंत्रालय

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  • Publish Date - May 11, 2026 / 06:54 PM IST,
    Updated On - May 11, 2026 / 06:54 PM IST

नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) विदेश मंत्रालय ने सोमवार को उस खबर को खारिज किया जिसमें दावा किया गया था कि फुजैराह बंदरगाह के माध्यम से भारतीय श्रमिकों की निकासी को सुविधाजनक बनाने के लिए भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ‘‘एक समझौते पर काम कर रहे हैं।’’ मंत्रालय ने कहा कि इसका कोई ‘‘आधार नहीं है’’ और फुजैराह या यूएई से भारतीय नागरिकों को निकालने की कोई योजना नहीं है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यह बात पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर यहां आयोजित एक अंतर-मंत्रालयी प्रेसवार्ता के दौरान एक प्रमुख राष्ट्रीय दैनिक में प्रकाशित मीडिया की एक खबर के बारे में पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में कही।

उन्होंने कहा, “आपने एक विशेष समाचार का उल्लेख किया। मैं आपसे अनुरोध करूंगा कि आप विदेश मंत्रालय के फैक्टचेक को भी देखें क्योंकि हमने इस संबंध में पहले ही स्पष्टीकरण जारी कर दिया है। ऐसी खबर का कोई आधार नहीं है। साथ ही, फुजैराह या संयुक्त अरब अमीरात से भारतीय नागरिकों को निकालने की कोई योजना नहीं है। इसलिए, कृपया हमारे द्वारा जारी किए गए स्पष्टीकरण को भी देखें।”

इससे पहले दिन में, विदेश मंत्रालय की ‘फैक्ट-चेक’ टीम ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में इस खबर को ‘फर्जी खबर’ बताया।

विदेश मंत्रालय की ‘फैक्टचेक’ टीम ने अपनी पोस्ट में कहा, ‘‘फर्जी खबर! ऐसी किसी भी खबर का कोई आधार नहीं है। किसी भी प्रकार की निकासी की योजना नहीं बनाई जा रही है। कृपया ऐसे झूठे और निराधार दावों से सावधान रहें।’’

प्रेसवार्ता के दौरान, जायसवाल से भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स सदस्य देशों और अन्य देशों के विदेश मंत्रियों की आगामी बैठक के बारे में भी सवाल किया गया।

जायसवाल ने कहा, ‘‘आपका सवाल ईरान के विदेश मंत्री के बारे में था… देखिए, नयी दिल्ली में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक होने वाली है। इसमें ब्रिक्स के सदस्य देशों के साथ-साथ सहयोगी देशों के विदेश मंत्रियों के शामिल होने की उम्मीद है। हम आपको इस बारे में जानकारी देते रहेंगे कि कौन-कौन से नेता यहां उपस्थित होंगे।’’

उन्होंने पश्चिम एशिया संघर्ष पर भारत के रुख को दोहराते हुए कहा कि क्षेत्र में शांति बहाल करने का एकमात्र रास्ता संवाद और कूटनीति है।

भाषा अमित माधव

माधव