CM Yogi Adityanath News/Image Credit: CM Yogi X Handle
CM Yogi Adityanath News: बागपत: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि सनातन धर्म ने कभी किसी पर जबरन शासन नहीं किया, लेकिन अगर धर्म पर हमला होगा, तो उसका डटकर मुकाबला किया जाएगा और “मुंहतोड़ जवाब” दिया जाएगा। सीएम योगी बागपत के भगवानपुर नांगल गांव स्थित शिव गोरखनाथ आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने नवनाथ मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा और स्थापना कार्यक्रम में हिस्सा लिया। वह लगभग सवा घंटे तक आश्रम में रहे। इस दौरान उन्होंने पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संतगण और भाजपा नेता मौजूद थे।
सीएम योगी ने अयोध्या में बने राम मंदिर का जिक्र करते हुए कहा, “हम लगातार संघर्ष करते रहे और परिणाम सबके सामने है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ। कोई उसे रोक नहीं पाया।” उन्होंने कहा कि “धर्मो रक्षति रक्षितः” की भावना भारतीय संस्कृति का मूल है और अगर हम धर्म की रक्षा करेंगे, तो धर्म भी हमारी रक्षा करेगा। (CM Yogi Adityanath News) मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास इस बात का साक्षी है कि सनातन परंपरा ने कभी किसी को गुलाम बनाने या किसी की भूमि पर कब्जा करने का प्रयास नहीं किया। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति विश्व कल्याण की भावना से प्रेरित रही है।
सीएम योगी ने 11 मई की तारीख के ऐतिहासिक महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इसी दिन सोमनाथ मंदिर की पुनः प्राण प्रतिष्ठा का स्मरण किया जाता है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज सोमनाथ महादेव मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। (CM Yogi Adityanath News) सीएम योगी ने कहा कि उन्हें खुद काशी विश्वनाथ धाम से इस अवसर का साक्षी बनने का अवसर मिला।
मुख्यमंत्री ने पोखरण परमाणु परीक्षण की वर्षगांठ का जिक्र करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भारत ने दुनिया को अपनी सामरिक शक्ति का परिचय दिया था। उन्होंने कहा कि भारत की शक्ति केवल अपनी सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि विश्व शांति और मानव कल्याण के लिए भी महत्वपूर्ण है। (CM Yogi Adityanath News) सीएम योगी ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव का नाम लिए बिना कहा कि कुछ लोग कोरोना रोधी टीका लगवाने के बाद भी सार्वजनिक रूप से उसे स्वीकार नहीं करते थे और संगम में स्नान करने के बाद भी इनकार करते रहे। उन्होंने कहा कि जब ऐसे लोगों को अवसर मिला, तब उन्होंने विकास के लिए कोई ठोस कार्य नहीं किया।
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