पणजी, दो दिसंबर (भाषा) गोवा पुलिस की अपराध शाखा ने मंगलवार को दावा किया कि नौकरी के बदले नकदी घोटाले की आरोपी पूजा नाईक द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के दौरान किसी नेता या सरकारी अधिकारी की संलिप्तता नहीं पाई गई है।
नाईक ने प्रमोद सावंत के नेतृत्व वाली कैबिनेट के एक मंत्री और दो अन्य अधिकारियों पर घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया था।
गोवा पुलिस ने राज्य सरकार में नौकरी दिलाने का वादा करके युवाओं से करोड़ों रुपये ठगने के आरोप में पांच अलग-अलग मामलों में नाईक के खिलाफ पिछले साल मामला दर्ज किया था।
जमानत पर बाहर आई आरोपी ने पिछले महीने एक वीडियो क्लिप जारी कर एक मंत्री और दो अधिकारियों पर इस घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया था।
पुलिस अधीक्षक (अपराध शाखा) राहुल गुप्ता ने संवाददाताओं को बताया कि नाईक द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच पूरी हो गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘नाईक के आरोपों की विस्तृत जांच की गई, जिससे पता चला कि उसके दावों में कोई दम नहीं है।’’
नाईक ने आरोप लगाया था कि उसने दोनों अधिकारियों को 17 करोड़ रुपये दिए थे और उसने भी कमीशन के तौर पर लाखों रुपये लिए थे।
गुप्ता ने कहा, ‘‘नाईक के कॉल रिकॉर्ड से पता चला है कि वह उन व्यक्तियों के संपर्क में नहीं थी जिनका उसने शिकायत में नाम लिया है। उसके बैंक खातों के वित्तीय विश्लेषण से पता चला है कि उसने, उसके पति और उनकी बेटियों ने पिछले चार-पांच वर्षों के दौरान लगभग आठ करोड़ रुपये का लेन-देन किया।’’
उन्होंने कहा कि उसके बैंक खाते में ऐसा कोई लेन-देन दर्ज नहीं है, जिससे उसका किसी सरकारी अधिकारी या नेता से संबंध स्थापित हो सके।
गुप्ता ने बताया कि आरोपी की जीवनशैली बहुत विलासिता भरी थी। उन्होंने बताया कि वह तीन महीने तक पणजी के पास एक सितारा होटल में ठहरी थी ताकि वे लोग उसे परेशान नहीं करें जिनसे उसने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर कथित तौर पर पैसे लिए थे।
भाषा सिम्मी संतोष
संतोष