छात्र संघ चुनाव करवाने की मांग को लेकर टंकी पर चढ़े एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने शुरू किया अनशन
छात्र संघ चुनाव करवाने की मांग को लेकर टंकी पर चढ़े एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने शुरू किया अनशन
जयपुर, 31 जुलाई (भाषा) राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव बहाल कराने की मांग को लेकर पानी की टंकी पर चढ़े एनएसयूआई के तीन कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार से आमरण अनशन शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांग पर पक्का आश्वासन नहीं देती, वे सिर्फ़ पानी पीकर रहेंगे।
नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) से जुड़े विजयपाल कुड़ी, वियोना जाट और कोशेन खान बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे गांधी नगर रेलवे स्टेशन इलाके में टोंक फाटक पुल के पास पानी की टंकी पर चढ़े थे और तब से वहीं हैं।
विजयपाल कुड़ी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उनके पास लगभग पांच लीटर पानी है। कुड़ी ने कहा, ‘अब हमारे पास खाना नहीं है। हम अपने साथ कुछ खाना और एक रस्सी लाए थे ताकि जरूरत पड़ने पर नीचे से खाना ऊपर खींचा जा सके। लेकिन अब हमने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की घोषणा कर दी है और सिर्फ़ पानी पिएंगे।’
उन्होंने बताया कि कल रात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने उनसे बातचीत की और भरोसा दिलाया कि वे उप मुख्यमंत्री के साथ बैठक की व्यवस्था करेंगे।
कुड़ी ने कहा, ‘हमने उनसे कहा कि हमें ठोस पहल चाहिए। जब तक सरकार छात्र संघ चुनाव बहाल करने का पक्का आश्वासन नहीं देती हम नीचे नहीं आएंगे।’
टंकी के ऊपर के हालात के बारे में बताते हुए कुड़ी ने कहा कि व्यावहारिक दिक्कतों की वजह से प्रदर्शनकारी अपना खाना और पानी बचाकर इस्तेमाल कर रहे थे।
उन्होंने कहा, ‘हम थोड़े पानी और खाने के साथ टंकी पर चढ़े थे। निवृत्त होने की चुनौतियों को देखते हुए हमने कम खाया-पिया।’
गांधी नगर के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) नारायण बाजिया ने कल रात इन आंदोलनाकरियों से बातचीत की थी। उन्होंने कहा कि छात्रों को नीचे उतरने के लिए मनाने की कोशिशें जारी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम छात्रों के संपर्क में हैं और उन्हें नीचे आने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं।’
इस बीच, एनएसयूआई के प्रवक्ता रमेश भाटी ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों से कोई सार्थक बातचीत शुरू नहीं किए जाने के कारण शुक्रवार को भूख हड़ताल शुरू की गई।
कांग्रेस संबद्ध इस संगठन के कार्यकर्ता राज्य में छात्र संघ चुनाव दुबारा शुरू करने की मांग कर रहे हैं। ये चुनाव कुछ साल से नहीं हुए हैं।
भाषा पृथ्वी आशीष
आशीष

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