कोलकाता, 22 मई (भाषा) अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के अध्यक्ष कल्याण चौबे ने आश्वासन दिया कि विवादों से घिरा इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) अगले सत्र में पूर्ण प्रारूप में वापसी करेगा।
आईएसएल का वर्तमान सत्र समय पर शुरू नहीं हो पाया था जिसके कारण इसके कुछ मैच ही खेले गए।
ईस्ट बंगाल ने अपनी आखिरी राष्ट्रीय लीग 22 साल पहले जीती थी। उसने गुरुवार रात यहां किशोर भारती क्रीड़ांगन में खेले गए रोमांचक आईएसएल 2025-26 फाइनल में इंटर काशी को 2-1 से हराकर अपना लंबा इंतजार समाप्त किया।
मैच के बाद चौबे ने पत्रकारों से कहा, ‘‘निश्चित रूप से हम अगले सत्र में पूर्ण प्रारूप में वापसी करेंगे।’’
इस जीत की मदद से ईस्ट बंगाल 13 मैचों में 26 अंकों के साथ शीर्ष पर पहुंच गया और उसने गोल अंतर के आधार पर मोहन बागान सुपर जायंट को पीछे छोड़ दिया।
मोहन बागान और ईस्ट बंगाल के बीच प्रतिद्वंद्विता की सराहना करते हुए चौबे ने कहा: ‘‘जब भी प्रतिस्पर्धा होती है वह फुटबॉल के लिए अच्छी होती है। मोहन बागान और ईस्ट बंगाल के बीच कोलकाता डर्बी विश्व फुटबॉल की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्विताओं में से एक है।’’
एआईएफएफ और एफएसडीएल के बीच समझौता खत्म होने के बाद वित्तीय और प्रशासनिक गतिरोध के कारण आईएसएल का मौजूदा सत्र पांच महीने की देरी के बाद 14 फरवरी को शुरू हुआ। इसे छोटा कर दिया गया और प्रत्येक टीम को 24 के बजाय केवल 13 मैच खेलने को मिले।
चौबे ने कहा, ‘‘मैंने कभी नहीं कहा कि भारत में फुटबॉल बंद हो जाएगा। इस सत्र में हमने 21 टूर्नामेंट और लगभग 2,100 मैच आयोजित किए। भारतीय फुटबॉल के इतिहास में पहले कभी भी एक सत्र में इतने मैच नहीं खेले गए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित रूप से हमें कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ा और विवाद भी हुए। कभी-कभी विवाद इसलिए भी पैदा किए जाते हैं ताकि लोगों की दिलचस्पी बनी रहे। लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि भारतीय फुटबॉल आगे बढ़ रहा है और इसी तरह प्रगति करता रहेगा।’’
भाषा पंत नमिता
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