कोरोना वायरस के उपचाराधीन मामलों की संख्या गिरकर 17,912 हुई

कोरोना वायरस के उपचाराधीन मामलों की संख्या गिरकर 17,912 हुई

कोरोना वायरस के उपचाराधीन मामलों की संख्या गिरकर 17,912 हुई
Modified Date: November 29, 2022 / 08:07 pm IST
Published Date: October 31, 2022 9:56 am IST

नयी दिल्ली, 31 अक्टूबर (भाषा) भारत में एक दिन में कोविड-19 के 1,326 नए मामले सामने आने से देश में संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 4,46,53,592 पर पहुंच गई है, जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 17,912 रह गई है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सोमवार सुबह आठ बजे तक अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण से आठ और मरीजों के जान गंवाने से मृतकों की संख्या बढ़कर 5,29,024 हो गई है। इन आठ मृतकों में वे पांच लोग भी शामिल हैं, जिनके नाम संक्रमण से मौत के आंकड़ों का पुन:मिलान करते हुए केरल ने वैश्विक महामारी से जान गंवाने वाले मरीजों की सूची में जोड़े हैं।

आंकड़ों के मुताबिक, उपचाराधीन मरीजों की संख्या संक्रमण के कुल मामलों का 0.04 प्रतिशत है, जबकि कोविड-19 से स्वस्थ होने वालों की राष्ट्रीय दर बढ़कर 98.78 प्रतिशत हो गई है। बीते 24 घंटे में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 405 की कमी दर्ज की गई है।

मंत्रालय के अनुसार, संक्रमण की दैनिक दर 1.59 फीसदी, जबकि साप्ताहिक दर 1.08 फीसदी दर्ज की गई है। वहीं, कोविड-19 से उबरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 4,41,06,656 हो गई है, जबकि मृत्यु दर 1.18 प्रतिशत दर्ज की गई है।

आंकड़ों के मुताबिक, भारत में देशव्यापी कोविड-19 रोधी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 219.63 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं।

गौरतलब है कि देश में सात अगस्त 2020 को कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त 2020 को 30 लाख और पांच सितंबर 2020 को 40 लाख से अधिक हो गई थी। संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर 2020 को 50 लाख, 28 सितंबर 2020 को 60 लाख, 11 अक्टूबर 2020 को 70 लाख, 29 अक्टूबर 2020 को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे।

देश में 19 दिसंबर 2020 को ये मामले एक करोड़ से अधिक हो गए थे। पिछले साल चार मई को संक्रमितों की संख्या दो करोड़ और 23 जून 2021 को तीन करोड़ के पार पहुंच गई थी। इस साल 25 जनवरी को संक्रमण के मामले चार करोड़ के पार हो गए थे।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में इस महामारी से जिन तीन और मरीजों ने दम तोड़ा है, उनमें से महाराष्ट्र, मिजोरम और उत्तर प्रदेश का एक-एक मरीज था।

भाषा

सिम्मी गोला

गोला


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