देश में कोरोना वायरस संक्रमण के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 6,402 हुई

देश में कोरोना वायरस संक्रमण के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 6,402 हुई

देश में कोरोना वायरस संक्रमण के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 6,402 हुई
Modified Date: November 29, 2022 / 07:47 pm IST
Published Date: November 21, 2022 10:27 am IST

नयी दिल्ली, 21 नवंबर (भाषा) भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 406 नए मामले सामने आने से देश में अब तक संक्रमित हो चुके लोगों की संख्या बढ़कर 4,46,69,421 पर पहुंच गई। वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या 6,402 रह गई है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सोमवार सुबह आठ बजे जारी अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण से 12 और मरीजों के जान गंवाने से मृतक संख्या बढ़कर 5,30,586 हो गई है। इन 12 मामलों में वे 11 लोग शामिल हैं, जिनके नाम संक्रमण से मौत के आंकड़ों का पुन:मिलान करते हुए केरल ने वैश्विक महामारी से जान गंवाने वाले मरीजों की सूची में जोड़े हैं। वहीं पिछले 24 घंटे में राजस्थान में संक्रमण के एक मरीज की मौत हो गई।

अद्यतन आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोरोना वायरस संक्रमण के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 6,402 रह गई है, जो कुल मामलों का 0.01 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 87 की कमी दर्ज की गई है। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर बढ़कर 98.80 प्रतिशत हो गई है।

आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी तक कुल 4,41,32,433 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि कोविड-19 से मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत है।

मंत्रालय की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 219.86 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं।

गौरतलब है कि भारत में सात अगस्त 2020 को कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त 2020 को 30 लाख और पांच सितंबर 2020 को 40 लाख से अधिक हो गई थी। संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर 2020 को 50 लाख, 28 सितंबर 2020 को 60 लाख, 11 अक्टूबर 2020 को 70 लाख, 29 अक्टूबर 2020 को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे।

देश में 19 दिसंबर 2020 को ये मामले एक करोड़ से अधिक हो गए थे। पिछले साल चार मई को संक्रमितों की संख्या दो करोड़ और 23 जून 2021 को तीन करोड़ के पार पहुंच गई थी। इस साल 25 जनवरी को संक्रमण के कुल मामले चार करोड़ के पार हो गए थे।

भाषा निहारिका प्रशांत

प्रशांत


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