नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) सरकार ने सोमवार को लोकसभा को बताया कि 31 मार्च, 2026 तक पिछले दो सालों में लंबित जीएसटी रिफंड दावों की संख्या काफी कम हो गई है।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि 31 मार्च, 2026 तक लगभग 164 करोड़ रुपये की रिफंड राशि वाले 64 दावे 60 दिन से अधिक समय तक लेकिन 90 दिन से कम समय तक लंबित थे।
मंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2023-24 के आखिर में 274 करोड़ रुपये की रिफंड राशि वाले 907 दावों से वित्त वर्ष 2024-25 तक 246 करोड़ रुपये के रिफंड राशि वाले 374 दावे काफी कम हैं।
जवाब के अनुसार 90 दिन से ज्यादा समय से लंबित जीएसटी रिफंड के मामलों को देखें तो 31 मार्च, 2026 तक 64 करोड़ रुपये के दावे वाले मामलों की संख्या घटकर 110 हो गई है।
चौधरी ने कहा कि रिफंड क्लेम की प्रक्रिया में देरी मुख्य रूप से दस्तावेज जमा करने में देरी और करदाताओं द्वारा उन्हें जारी किए गए नोटिस के जवाब जमा करने में देरी, तथा करदाताओं द्वारा रिफंड क्लेम को लंबित रखने के लिए किए गए अनुरोधों के कारण होती है।
उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए होता है ताकि उनके रिफंड क्लेम के संबंध में जारी किए गए कारण बताओ नोटिस, अगर कोई हो, के लिए अतिरिक्त दस्तावेज और विवरण जमा करने के लिए समय मांगा जा सके, और कुछ मामलों में प्रणाली से जुड़ी समस्याएं भी होती हैं।
भाषा वैभव मनीषा
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