नयी दिल्ली, 29 जून (भाषा) कांग्रेस की दिल्ली इकाई ने सोमवार को दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से कुछ दिन पहले निर्वाचन आयोग ने मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ा दी है और इस कदम से पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता प्रभावित हुई है।
हालांकि, इस संबंध में निर्वाचन आयोग की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
पार्टी की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी बलराम मीणा को मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपकर पुनरीक्षण प्रक्रिया 30 जून से शुरू होने से पहले मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाने के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की।
कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से आग्रह किया कि सत्यापित मतदाता आंकड़ों के आधार पर यह प्रक्रिया संपन्न कराने के लिए मतदान केंद्रों में किसी भी तरह के बदलाव को एसआईआर पूरा होने तक टाल दिया जाए।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में पुनरीक्षण कवायद शुरू होने से कुछ दिन पहले मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाने का निर्णय ‘‘भाजपा के इशारे पर’’ लिया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘पिछले नौ-दस महीनों से निर्वाचन आयोग एसआईआर प्रक्रिया पर काम कर रहा था। फिर इसके शुरू होने से केवल तीन-चार दिन पहले मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाने का फैसला क्यों लिया गया?’’
यादव ने दावा किया कि फैसले के समय को लेकर चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग पहले ही प्रति मतदान केंद्र मतदाताओं की अधिकतम संख्या 1,500 से घटाकर 1,200 करने के तहत मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाने की कवायद पूरा कर चुका है।
उन्होंने कहा, ‘‘यदि एसआईआर का उद्देश्य प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं की वास्तविक संख्या का पता लगाना है, तो तार्किक रूप से मतदान केंद्रों की संख्या का निर्धारण इस प्रक्रिया के बाद किया जाना चाहिए।’’
भाषा हक माधव नेत्रपाल
नेत्रपाल