भुवनेश्वर, तीन अगस्त (भाषा) ओडिशा सरकार ने सोमवार को बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वे शुरू कर दिया है और साथ ही पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों वाले परिवारों को 1.2 लाख रुपये तक मुआवजा देने की घोषणा की।
प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि जिन बाढ़ प्रभावित इलाकों से पानी पूरी तरह उतर गया है, वहां राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीमें सर्वे कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि सर्वे के दौरान मकानों की क्षति, जनहानि, पशुधन और फसलों के नुकसान का आकलन किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि राज्य आपदा मोचन कोष (एसडीआरएफ) के मानकों के अनुसार प्रभावित परिवारों को राहत पैकेज दिया जाएगा। शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर अंतरिम मुआवजा भी उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों वाले परिवारों को 1.2 लाख रुपये तक की सहायता मिलेगी। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त पक्के मकानों के लिए 6,500 रुपये, कच्चे मकानों के लिए 4,000 रुपये और पूरी तरह क्षतिग्रस्त झोपड़ियों के लिए 8,000 रुपये दिए जाएंगे। पशु शेड को हुए नुकसान पर 3,000 रुपये की सहायता मिलेगी।
पुजारी ने कृषि नुकसान के लिए भी मुआवजे की घोषणा करते हुए कहा कि वर्षा आधारित भूमि पर फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर, सिंचित भूमि के लिए 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर और बारहमासी फसलों के लिए 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर दिए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि बाढ़ से राज्य के 22 जिलों के 85 प्रखंडों के 1,458 गांवों के 8,63,909 लोग प्रभावित हुए हैं।
मंत्री ने मृतकों की संख्या बताए बिना कहा कि बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को एसडीआरएफ मानकों के अनुसार चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि राहत कार्य के दौरान जान गंवाने वाले अग्निशमन कर्मी की मां को बीमा और ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले अन्य लाभों सहित 1.05 करोड़ रुपये प्रदान किए जाएंगे।
भाषा
राखी नरेश
नरेश