भुवनेश्वर, छह जुलाई (भाषा) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को पुरी और कोरापुट के बीच नयी एक्सप्रेस रेल सेवा को संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
पुरी में आयोजित कार्यक्रम में राज्य के परिवहन मंत्री विभूति भूषण जेना, सांसद, विधायक और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री माझी ने इस रेल सेवा की शुरुआत को राज्य के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा, ‘‘आज पुरी और पूरे ओडिशा के लिए ऐतिहासिक दिन है, क्योंकि श्रीक्षेत्र पुरी से सबर श्रीक्षेत्र कोरापुट के बीच नयी रेल सेवा शुरू हुई है।’’ उन्होंने इस सेवा की शुरुआत के लिए वैष्णव का आभार भी व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पुरी रेलवे स्टेशन का 184 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास किया जा रहा है।
क्योंझर जिले से आने वाले माझी ने उत्तर ओडिशा से भी इसी प्रकार की रेल सेवा शुरू करने का अनुरोध किया। इस पर तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए रेल मंत्री ने घोषणा की कि उत्तर ओडिशा को पुरी से जोड़ने वाली नयी रेल सेवा जल्द शुरू की जाएगी।
सभा को संबोधित करते हुए वैष्णव ने कहा कि तटीय ओडिशा को राज्य के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों से दिन के समय जोड़ने वाली रेल सेवा की लंबे समय से मांग की जा रही थी।
उन्होंने कहा, “भुवनेश्वर से कोरापुट के लिए केवल हीराखंड एक्सप्रेस चलती है और वह भी रात में। इसलिए दिन के समय रेल सेवा की मांग थी।”
वैष्णव ने कहा, “ओडिशा के मुख्यमंत्री ने भी इस संबंध में मुझे पत्र लिखा था। भगवान जगन्नाथ के आशीर्वाद से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तटीय, पश्चिमी और दक्षिणी ओडिशा के कई जिलों को जोड़ने वाली पुरी-कोरापुट रेल सेवा को मंजूरी दी है।”
रेल मंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने पांच वर्षों में ओडिशा के रेलवे क्षेत्र में एक लाख करोड़ रुपये के निवेश का वादा किया था और पिछले दो वर्षों में राज्य में लगभग 97,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष यह लक्ष्य पूरा हो जाएगा।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में शुरू की गई ‘स्वर्णिम चतुर्भुज’ राजमार्ग परियोजना का उल्लेख करते हुए वैष्णव ने कहा कि मोदी सरकार नयी दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और मुंबई को जोड़ने वाले चार-लाइन रेल गलियारों का निर्माण कर रही है।
उन्होंने कहा कि पुरी रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय सुविधा के रूप में विकसित किया जा रहा है, जबकि ओडिशा के लगभग 50 रेलवे स्टेशनों का भी पुनर्विकास किया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि पुरी-कोरापुट एक्सप्रेस की शुरुआत से पुरी और आदिवासी बहुल कोरापुट के बीच लंबे समय से लंबित प्रत्यक्ष रेल संपर्क की लोगों की आकांक्षा पूरी हुई है। उन्होंने कहा कि इस ट्रेन की नियमित समय-सारिणी बाद में अलग से जारी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस रेल सेवा से श्रद्धालुओं, पर्यटकों, विद्यार्थियों, मरीजों, व्यापारियों और स्थानीय लोगों को धार्मिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य सेवाओं और व्यावसायिक केंद्रों तक बेहतर पहुंच मिलेगी।
अधिकारियों के अनुसार, यह ट्रेन खुर्दा रोड, भुवनेश्वर, अंगुल, संबलपुर, बरगढ़ रोड, बलांगीर, टिटलागढ़, केसिंगा, मुनीगुड़ा, रायगढ़ा, काकिरिगुमा और दमनजोड़ी होते हुए चलेगी, जिससे तटीय, पश्चिमी और दक्षिणी ओडिशा के बीच रेल संपर्क और मजबूत होगा।
उन्होंने बताया कि यह ट्रेन पुरी से सोमवार, बृहस्पतिवार और शनिवार को तथा कोरापुट से मंगलवार, शुक्रवार और रविवार को संचालित होगी, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा।
भाषा अमित प्रशांत
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