भुवनेश्वर, 25 मई (भाषा) ओडिशा सरकार ने सोमवार को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (संचार) दयाल गंगवार का तबादला कर दिया और उन्हें तत्काल प्रभाव से गृह विभाग में विशेष कर्तव्य अधिकारी (ओएसडी) नियुक्त किया है।
गृह विभाग द्वारा जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि 1998 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी गंगवार को विभाग में ओएसडी के रूप में नियुक्त किया गया है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि 1998 बैच के अधिकारी गंगवार का नाम सात मई को भुवनेश्वर के बाहरी इलाके बालीआंता में राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के कांस्टेबल सौम्य रंजन स्वैन की पीट-पीटकर हत्या के मामले में सामने आया था।
स्वैन के माता-पिता ने आरोप लगाया था कि गंगवार ने उनके बेटे को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया था।
स्वैन के परिवार ने मांग की कि आईपीएस अधिकारी को जांच के दायरे में लाया जाए। स्वैन की मां ने कहा, ‘‘अधिकारी को बर्खास्त किया जाना चाहिए। तबादला कोई सजा नहीं है।’’
विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (बीजद) ने बालीआंता में भीड़ द्वारा हत्या के मामले में पीड़ित और एक अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) रैंक के आईपीएस अधिकारी के कथित संबंध पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि स्वैन अपने आधिकारिक कर्तव्यों का पालन करने के बजाय उस वरिष्ठ अधिकारी के आवास और जिम में काम कर रहे थे।
स्वैन की मां के इस आरोप का जिक्र करते हुए कि आईपीएस अधिकारी शहर में कई जिम के मालिक हैं, बीजद नेता लेखाश्री समंतसिंहार ने राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा कि रेलवे पुलिस कर्मियों को कथित तौर पर गंगवार के आवास पर कितने समय से तैनात किया गया था।
भीड़ हत्या मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की मांग करते हुए, स्वैन के माता-पिता ने आरोप लगाया था कि वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी उनके बेटे के उत्पीड़न में आरोपी व्यक्तियों में से एक थे।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भीड़ द्वारा हत्या के मामले की जांच कर रही ओडिशा पुलिस की अपराध शाखा निष्पक्ष नहीं रह सकती, क्योंकि एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पर मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के आरोप लगे हैं।
भाषा आशीष नरेश
नरेश