नयी दिल्ली, 26 जनवरी (भाषा) गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान सोमवार को कर्तव्य पथ पर ओडिशा की झांकी में राज्य की कृषि और सांस्कृतिक नींव से नवाचार-संचालित विकास तक की यात्रा को प्रदर्शित किया गया।
यह इस विश्वास को प्रतिबिंबित करता है कि सच्ची आत्मनिर्भरता परंपरा में निहित है।
झांकी के आगे वाले हिस्से में महिलाओं के नेतृत्व वाली समावेशी भागीदारी पर प्रकाश डाला गया, जो समान विकास के लिए ओडिशा की प्रतिबद्धता और भारत के सामाजिक-आर्थिक विकास में इसकी बढ़ती भूमिका का प्रतीक है।
मध्य हिस्से में सेमीकंडक्टर चिप को प्रदर्शित किया गया जो ओडिशा की तकनीकी प्रगति के केंद्र के रूप में उभरने का प्रतीक है।
आधुनिक नवाचार के इस प्रतीक के साथ ही कोरापुट कॉफी का भी उल्लेख था, जो स्थायी आजीविका, आदिवासी सशक्तीकरण और स्वदेशी कृषि में उत्कृष्टता का प्रतीक है।
हथकरघा बुनाई और हस्तशिल्प का प्रदर्शन भी किया गया। इससे तटीय राज्य की कारीगर अर्थव्यवस्था के लचीलेपन और आधुनिक संदर्भ में पारंपरिक कौशल को संरक्षण मिलने को दर्शाया गया।
भाषा हक
हक अविनाश
अविनाश