फर्जी मतदाता पंजीकरण के तृणमूल के दावे पर निर्वावन अधिकारी ने कहा : आरोप की जांच करेंगे

फर्जी मतदाता पंजीकरण के तृणमूल के दावे पर निर्वावन अधिकारी ने कहा : आरोप की जांच करेंगे

फर्जी मतदाता पंजीकरण के तृणमूल के दावे पर निर्वावन अधिकारी ने कहा : आरोप की जांच करेंगे
Modified Date: March 31, 2026 / 04:25 pm IST
Published Date: March 31, 2026 4:25 pm IST

कोलकाता, 31 मार्च (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज कुमार अग्रवाल ने मंगलवार को अपने कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज पर गौर करने का वादा किया। उन्होंने यह वादा तृणमूल कांग्रेस के उस आरोप के बाद किया जिसमें कहा गया है कि एक भाजपा नेता का प्रतिनिधि अन्य राज्यों के निवासियों को यहां मतदाता के रूप में पंजीकृत कराने के लिए फॉर्म 6 से भरी बोरी लेकर आया था।

फॉर्म 6 पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करने या किसी मतदाता को एक निर्वाचन क्षेत्र से दूसरे निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित करने के लिए भरा जाता है।

तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया है कि भाजपा ने उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन करते हुए कुछ ही घंटों में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में लगभग 30,000 फॉर्म 6 जमा किए।

सीईओ से सोमवार को मुलाकात करने के बाद बनर्जी ने कहा, ‘‘हमारे पास विश्वसनीय जानकारी है कि आज छह से सात घंटों में लगभग 30,000 फॉर्म 6 सीईओ के कार्यालय में जमा किए गए, जो उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है।’’

उन्होंने दावा किया कि सीईओ संतोषजनक जवाब नहीं दे सके और उनकी पार्टी इसे बर्दाश्त नहीं करेगी।

अग्रवाल ने आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग शिकायतों को गंभीरता से ले रहा है और मामले की जांच करेगा। उन्होंने एक स्थानीय टीवी चैनल से कहा, ‘मैं देखूंगा कि एजेंसी ने सीसीटीवी कहां-कहां लगाए हैं… मैं देखूंगा कि फुटेज में क्या है और फिर आगे विचार करूंगा।’’

उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन व्यक्तियों के नाम पहले से ही सूची में है, वे फॉर्म 6 के माध्यम से आवेदन नहीं कर सकते, जो केवल नए नाम जोड़ने के लिए है। उन्होंने कहा कि सभी अनुरोधों और शिकायतों को सत्यापन के लिए मतदाता पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) को भेज दिया गया है।

अग्रवाल ने आगाह किया कि कि गलत दावे कर मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन करने वालों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

भाषा अविनाश रंजन

रंजन


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