कारगिल में परिचालन तैयारी का प्रदर्शन, सेना ने दिखाई ऊंचाई वाले क्षेत्रों में युद्धक क्षमता

कारगिल में परिचालन तैयारी का प्रदर्शन, सेना ने दिखाई ऊंचाई वाले क्षेत्रों में युद्धक क्षमता

कारगिल में परिचालन तैयारी का प्रदर्शन, सेना ने दिखाई ऊंचाई वाले क्षेत्रों में युद्धक क्षमता
Modified Date: July 27, 2026 / 07:12 pm IST
Published Date: July 27, 2026 7:12 pm IST

द्रास/जम्मू, 27 जुलाई (भाषा) कारगिल विजय दिवस समारोह के तहत भारतीय सेना ने लद्दाख के द्रास सेक्टर में एक प्रत्यक्ष परिचालन प्रदर्शन और प्रदर्शनी के माध्यम से अपनी परिचालन तैयारियों, तकनीकी नवाचार और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में युद्धक क्षमताओं का प्रदर्शन किया।

इसके तहत सेना की छोटी टीम अवधारणा और ड्रोन एवं ‘रिमोटली पायलेटिड एरियल सिस्टम’ (आरपीएएस) के इस्तेमाल को प्रदर्शित किया गया। इसमें चुनौतीपूर्ण पर्वतीय इलाकों में युद्ध अभियानों के दौरान उन्नत तकनीकों के एकीकरण को रेखांकित किया गया।

‘फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स’ ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘सत्ताईसवें कारगिल विजय दिवस समारोह के तहत भारतीय सेना ने मतायेन में मीडिया प्रतिनिधियों के लिए परिचालन क्षमता प्रदर्शन और स्थिर प्रदर्शनी आयोजित की जिसमें उसकी युद्धक तैयारी, तकनीकी नवाचार और अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में परिचालन क्षमताओं को प्रदर्शित किया गया।’

मतायेन में आयोजित परिचालन क्षमता प्रदर्शन और प्रदर्शनी में भारतीय सेना के अत्याधुनिक गतिशीलता और निगरानी उपकरणों को प्रदर्शित किया गया। इनमें विशेष आवाजाही वाहन (एसएमवी), दुर्गम इलाकों में चलने वाले वाहन, हर तरह के भू-भाग पर चलने वाला वाहन (चेतक), टोही वाहन, त्वरित प्रतिक्रिया लड़ाकू वाहन तथा कई उन्नत ड्रोन और रिमोटली पायलेटिड एरियल सिस्टम (आरपीएएस) शामिल थे।

सेना के जवानों ने कार्यक्रम में पहुंचे लोगों को जानकारी दी और उन्हें आधुनिक हथियार प्रणालियों, निगरानी उपकरणों तथा स्वदेशी सैन्य तकनीकों से अवगत कराया, जिन्हें ऊंचाई वाले क्षेत्रों में परिचालन क्षमता बढ़ाने के लिए विकसित किया गया है।

सेना अधिकारियों ने कहा कि यह प्रदर्शनी परिचालन उत्कृष्टता, तकनीकी प्रगति और आत्मनिर्भरता को दर्शाती है। साथ ही, यह 1999 के कारगिल संघर्ष में ऑपरेशन विजय के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि भी है।

यह कार्यक्रम कारगिल युद्ध में भारत की विजय की 27वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित समारोहों का हिस्सा था।

भाषा अमित नरेश

नरेश

नरेश


लेखक के बारे में