ब्रजभूषण के बरी होने पर विपक्ष ने कहा: महिला सशक्तीकरण पर भाजपा की बातें दिखावा

ब्रजभूषण के बरी होने पर विपक्ष ने कहा: महिला सशक्तीकरण पर भाजपा की बातें दिखावा

ब्रजभूषण के बरी होने पर विपक्ष ने कहा: महिला सशक्तीकरण पर भाजपा की बातें दिखावा
Modified Date: August 3, 2026 / 07:26 pm IST
Published Date: August 3, 2026 7:26 pm IST

नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) विपक्षी दलों के नेताओं ने सोमवार को भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह को छह महिला पहलवानों द्वारा दर्ज कराए गए यौन उत्पीड़न के मामले में बरी किए जाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि उसकी सरकार के लिए युवाओं और महिलाओं का सशक्तीकरण केवल ‘‘दिखावटी बातें’’ हैं।

सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को पूर्व भाजपा सांसद सिंह और सह-आरोपी विनोद तोमर को बरी कर दिया। यह मामला अप्रैल-मई 2023 का है, जब महिला पहलवानों ने सिंह पर यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए दिल्ली के जंतर-मंतर पर 36 दिन तक धरना दिया था।

सिंह के बरी होने पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा ने कहा, ‘‘एक तरफ वे युवाओं के साथ होने, महिलाओं के सशक्तीकरण और महिला आरक्षण की बात करते हैं, और दूसरी तरफ यह सब हो रहा है।’’

महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि भाजपा का असली चरित्र उजागर हो गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारा दुर्भाग्य है कि सत्ता में एक बहरी, गूंगी और अंधी सरकार बैठी है। भाजपा का असली चेहरा दुर्भाग्यवश आज पूरे देश के सामने है।’’

सपकाल ने कहा, ‘‘भारत के एक नागरिक के रूप में मैं इस फैसले से बेहद आहत हूं और अपनी सभी बहनों तथा खिलाड़ियों के साथ मजबूती से खड़ा हूं…. न्याय मिलने के बजाय आरोपी के गले में बरी होने का तमगा डाल दिया गया है। यह देश आपको कभी माफ नहीं करेगा।’’

शिवसेना (उबाठा) के सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि जब पीड़ित महिला पहलवान ‘‘धरना दे रही थीं और रो रही थीं’’, तब भाजपा की महिला सदस्य भी उनके प्रति सहानुभूति जताने नहीं आईं।

उन्होंने सिंह के इस दावे को खारिज कर दिया कि यह मामला उनके खिलाफ साजिश के तहत दर्ज कराया गया था।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि कानून को अपना काम करने दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं अदालत के फैसलों पर टिप्पणी नहीं करना चाहता… महत्वपूर्ण बात यह है कि न्याय की प्रक्रिया को अपना काम करने दिया जाए। आरोप लगाए जाते हैं और उसके परिणाम सामने आते हैं, लेकिन न्याय होता हुआ दिखना भी चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यदि इस फैसले के खिलाफ अपील की जाती है, तो हमें देखना होगा कि क्या परिणाम होता है। यदि अपील नहीं होती, तो निश्चित रूप से उनके साथ ऐसे व्यक्ति जैसा व्यवहार किया जाना चाहिए, जिसे सम्मानपूर्वक दोषमुक्त किया गया है। मेरा मानना है कि हमें इस समय न्यायिक प्रक्रिया के अधीन किसी मामले पर फैसला नहीं सुना देना चाहिए।’’

बृजभूषण शरण सिंह के पुत्र और भाजपा सांसद करण भूषण सिंह ने अदालत के फैसले को ‘‘सच्चाई की जीत’’ बताया और विवाद के दौरान उनके परिवार के साथ खड़े रहने वाले लोगों का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा, ‘‘यह सच्चाई की जीत है। यह युवा पहलवानों की जीत है। मैं उन सभी लोगों का धन्यवाद करना चाहता हूं, जिन्होंने हमारा साथ दिया और हम पर विश्वास बनाए रखा। आज हम पूरे देश के सामने मजबूती से खड़े हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘एक समय था जब जंतर-मंतर पर लोग यह कह रहे थे कि मेरे पिता को फांसी दे दी जाए, उन्हें जला दिया जाए और सभी राजनीतिक दल एकजुट होकर ऐसी बातें कर रहे थे। आज वे क्या कहेंगे?’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब आप किसी व्यक्ति को बलात्कारी का तमगा दे देते हैं, तो उसकी बहू या बेटी पर क्या बीतती है? उसके बेटे पर क्या गुजरती है?’’

भाषा हक हक दिलीप

दिलीप


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