पणजी, 23 सितंबर (भाषा) गोवा के नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री विश्वजीत राणे ने बुधवार को विपक्ष के ‘झूठे दावों’ को खारिज कर दिया कि सरकार ने आरक्षित जमीनों के नियमों को बदलकर उन्हें बड़े पैमाने पर वाणिज्यिक इमारतों और होटल आदि बनाने के लिए खोल दिया है।
तटीय राज्य गोवा में हरियाली को बनाए रखने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता रेखांकित करते हुए राणे ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘पिछले साढ़े चार वर्षों में गैर-आवासीय क्षेत्र से केवल 0.296 प्रतिशत भूमि को ही आवासीय क्षेत्र में बदला गया है।’’
उन्होंने कहा कि ’14 लाख वर्ग मीटर’ जमीन को वाणिज्यिक (इमारतों और होटलों) निर्माण कार्यों के लिए खोला गया है, जबकि ’20 करोड़ वर्ग मीटर’ जमीन को ऐसी जगह घोषित किया गया है जहां कोई वाणिज्यिक निर्माण नहीं हो सकता।
मंत्री ने कहा, ‘सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि निचले इलाकों, नमक के मैदानों, धान के खेतों और अन्य पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्रों में कोई विकास कार्य न हो।’
राणे ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह यह ‘झूठा दावा’ कर रहा है कि सरकार राज्य की भूमि के उपयोग को धड़ल्ले से परिवर्तित कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘विपक्षी दल आगामी चुनावों में वोट हासिल करने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि भाजपा एक बार फिर सत्ता में आएगी।’
भाषा सुमित सुरेश
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