जयपुर, 27 जून (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को नरेन्द्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए ‘‘भ्रष्टाचार के नये मॉडल’’ और हितों के टकराव का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि हाल के घटनाक्रम से राजनेताओं और नौकरशाहों को विशेष लाभ दिए जाने के संकेत मिलते हैं।
गहलोत ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी को इसी मंत्रालय की एक योजना के तहत उनकी कृषि भूमि के लिए सब्सिडी मिली।
उन्होंने कहा कि इस योजना को जिस बोर्ड ने मंजूरी दी, उसमें मंत्री पदेन उपाध्यक्ष भी हैं।
भागीरथ चौधरी राजस्थान की अजमेर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गहलोत ने कहा, ‘‘मोदी सरकार में भ्रष्टाचार के नए मॉडल और हितों के टकराव का एक और बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें एक केंद्रीय मंत्री और केंद्र सरकार में कार्यरत एक आईएएस अधिकारी पर गंभीर आरोप लगे हैं।’’
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, ‘‘इसे क्या कहा जाए कि कृषि राज्य मंत्री अपने ही मंत्रालय की योजना के तहत अपने ही खेत के लिए लगभग एक करोड़ रुपये की सब्सिडी स्वीकृत करा लें? एक ओर सामान्य किसान सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए दफ्तर-दफ्तर भटकता है, वहीं दूसरी ओर मंत्री और चहेते अधिकारी करोड़ों रुपये के सरकारी लाभ प्राप्त कर रहे हैं।’’
गहलोत ने कहा, ‘‘ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा’ का नारा देने वाले प्रधानमंत्री आज अपने ही मंत्रियों के आचरण पर मौन क्यों हैं? देश की जनता इस दोहरे मापदंड को देख रही है।’’
भाषा बाकोलिया रंजन शफीक
शफीक