उद्धव का अहंकार शिवसेना (उबाठा) को बर्बाद कर रहा है: मंत्री शिरसाट

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उद्धव का अहंकार शिवसेना (उबाठा) को बर्बाद कर रहा है: मंत्री शिरसाट

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  • Publish Date - June 27, 2026 / 03:08 PM IST,
    Updated On - June 27, 2026 / 03:08 PM IST

छत्रपति संभाजीनगर (महाराष्ट्र), 27 जून (भाषा) महाराष्ट्र के मंत्री संजय शिरसाट ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा उनकी पार्टी के बागी सांसदों के निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा किए जाने की शनिवार को आलोचना की और इसे खबरों में बने रहने के उद्देश्य से किया गया महज ‘खानापूर्ति करने’ वाला दौरा करार दिया।

शिवसेना नेता ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान आरोप लगाया कि ठाकरे का अहंकार उनकी पार्टी को बर्बाद कर रहा है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री के इस दावे को भी खारिज कर दिया कि बागी सांसदों ने पहले केवल उनकी वजह से चुनाव जीते थे।

ठाकरे ने पार्टी के उन छह सांसदों के निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा शुरू किया है, जो इस सप्ताह की शुरुआत में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी शिवसेना गुट में शामिल हो गए थे।

शिरसाट ने कहा, ‘‘उद्धव ठाकरे का यह दौरा महज ‘खानापूर्ति करने’ वाला है। इसका मकसद केवल यह दिखाना है कि जिन सांसदों ने उनका साथ छोड़ दिया, उन्होंने उनके निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा किया है। यह केवल इसलिए किया जा रहा है ताकि लोगों को खबरों के जरिये पता चले कि वह उनके निर्वाचन क्षेत्रों में गए थे।’’

शिरसाट ने इस बात का भी जिक्र किया कि ठाकरे और उनकी पार्टी के नेताओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ एक ही विमान से नागपुर की यात्रा की।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि उनके बीच कोई बातचीत हुई लेकिन बातचीत होनी चाहिए क्योंकि राजनीति में इसका महत्व होता है।’’

ठाकरे ने इससे पहले दावा किया था कि बागी सांसदों ने पिछले लोकसभा चुनाव केवल उनकी वजह से जीते थे। शिरसाट ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह का अहंकार विपक्षी गुट को बर्बाद कर रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि ठाकरे का अहंकार उनकी पार्टी को खत्म कर रहा है।

शिरसाट ने कहा, ‘‘अगर सभी लोग आपकी वजह से चुनाव जीते थे तो पिछले विधानसभा चुनाव में उनके (शिवसेना-उबाठा) विधायकों की संख्या 63 से घटकर 20 क्यों रह गई? वे मुंबई नगर निकाय चुनाव भी हार गए। उनके नेतृत्व में चुनाव जीतने वाले सांसदों और विधायकों ने पार्टी छोड़ दी। शिवसेना (उबाठा) और उसके नेतृत्व को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।’’

भाषा

सिम्मी गोला

गोला