दिल्ली: चार दिनों में बिना पीयूसी वाले 15,000 से अधिक वाहनों को नहीं मिला ईंधन

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दिल्ली: चार दिनों में बिना पीयूसी वाले 15,000 से अधिक वाहनों को नहीं मिला ईंधन

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  • Publish Date - May 1, 2026 / 03:54 PM IST,
    Updated On - May 1, 2026 / 03:54 PM IST

(अहेली दास)

नयी दिल्ली, एक मई (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए बगैर ‘पीयूसी प्रमाणपत्र वाले वाहनों को ईंधन नहीं देने’ के नियम का सख्ती से पालन करने की दिल्ली सरकार की हिदायत पर अमल करते हुए पेट्रोल पंपों से 26 से 29 अप्रैल के बीच चार दिनों में 15,000 से अधिक वाहनों को बिना ईंधन के वापस भेज दिया गया। ‘पीटीआई-भाषा’ द्वारा प्राप्त आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई है।

यह कदम शहर में व्याप्त वायु गुणवत्ता संकट से निपटने के लिए मौजूदा नियमों के जमीनी स्तर पर सख्त कार्यान्वयन का संकेत देता है।

सरकार ने 22 अप्रैल को दोहराया था कि वैध प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) प्रमाणपत्र के बिना वाहनों को दिल्ली में ईंधन नहीं दिया जाएगा, जिस पर अमल करते हुए यह कदम उठाया गया।

हालांकि यह प्रावधान अक्टूबर 2025 में लागू किया गया था लेकिन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस वर्ष अप्रैल में इसके सख्त कार्यान्वयन का आह्वान किया था।

एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “वैध पीयूसी प्रमाणपत्र के बिना बड़ी संख्या में वाहनों को प्रतिदिन ईंधन देने से मना किया जा रहा है। उदाहरण के लिए, केवल चार दिनों में 15,000 से अधिक वाहनों को ईंधन नहीं दिया गया।”

आंकड़ों के अनुसार, 26 अप्रैल को 3,525 वाहनों को वैध पीयूसी प्रमाणपत्र न होने के कारण ईंधन देने से मना किया गया जबकि 27 अप्रैल को 4,012 वाहनों को, 28 अप्रैल को 4,235 वाहनों को और 29 अप्रैल को 3,906 वाहनों को ईंधन नहीं दिया गया।

अधिकारी ने बताया, “ये आंकड़े सरकार द्वारा ‘पीयूसी नहीं तो ईंधन नहीं’ नीति के सख्त कार्यान्वयन के प्रयासों के अनुरूप हैं, ताकि वाहन प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।”

केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 115 (उप-नियम 7) के तहत, प्रत्येक वाहन को पंजीकरण के एक वर्ष बाद वैध पीयूसी प्रमाणपत्र रखना होगा और किसी अधिकारी द्वारा मांगने पर उसे प्रस्तुत करना होगा।

भाषा जितेंद्र अविनाश

अविनाश