बाढ़ प्रभावित जम्मू-कश्मीर और पंजाब में 5,500 से अधिक नागरिकों को बचाया गया: सेना

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बाढ़ प्रभावित जम्मू-कश्मीर और पंजाब में 5,500 से अधिक नागरिकों को बचाया गया: सेना

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  • Publish Date - September 3, 2025 / 10:20 PM IST,
    Updated On - September 3, 2025 / 10:20 PM IST

चंडीगढ़, तीन सितंबर (भाषा) भारतीय सेना की पश्चिमी कमान जम्मू-कश्मीर और पंजाब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ‘ऑपरेशन राहत’ के तहत दो सप्ताह से अधिक समय से 24 घंटे बड़े पैमाने पर मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियान चला रही है। बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गयी।

बयान में कहा गया कि अब तक 5,500 से अधिक नागरिकों और अर्धसैनिक बलों के 300 कर्मियों को बचाया गया है तथा 3,000 से अधिक नागरिकों को चिकित्सा सहायता प्रदान की गई है और प्रभावित समुदायों को 27 टन से अधिक राशन और आवश्यक आपूर्ति उपलब्ध कराई गई है।

इसमें कहा गया कि अब तक 50 से अधिक सेना की टुकड़ियों को तैनात किय जा चुका है और राहत कार्य लगातार जारी हैं, जहां फंसे हुए लोगों को बचाया जा रहा है, आवश्यक आधारभूत ढांचे की मरम्मत की जा रही है और जीवन रक्षक सहायता पहुंचाई जा रही है।

बयान में कहा गया कि घग्घर नदी में जल स्तर बढ़ने के कारण पंजाब के तरणतारण, फिरोजपुर, शाहकोट, फिल्लौर, धतेवाल और सराला (घनमौर) तथा हरचंदपुरा क्षेत्रों में सेना की सात नयी टुकड़ियों को तैनात किया गया है।

इसमें कहा गया कि जवान मलबा हटाने और आपातकालीन निर्माण कार्यों में नागरिक प्रशासन और बीएसएफ को लगातार सहयोग दे रहे हैं।

‘इंजीनियर रेजिमेंट’ ने मामून सेक्टर (पंजाब) में जैतपुर बांध का पुनर्निर्माण किया है, सिद्धरा पुल (जम्मू) में मुख्य जल आपूर्ति लाइन की मरम्मत की है तथा बिक्रमण हेलीपैड और तवी व्यू प्वाइंट (जम्मू क्षेत्र) के बीच क्षतिग्रस्त सड़कों को बहाल करने के लिए भारी मशीनरी का उपयोग किया है।

बयान में कहा गया कि पंजाब में सेना की टीम संवेदनशील स्थानों पर बांधों को मजबूत करने, संपर्क टूट चुके गांवों में भोजन और चारा पहुंचाने तथा बाढ़ को रोकने के लिए प्रमुख जल निकायों में गाद साफ करने में लगी हुई हैं।

बयान में कहा गया है कि सड़क मार्ग से पूरी तरह कटे सुम्ब गांव में फंसी एक गर्भवती महिला को तत्काल देखभाल के लिए हवाई मार्ग से अस्पताल पहुंचाया गया।

भाषा प्रीति माधव

माधव