Panic spread in this state..! So many cases registered due to lumpy skin

इस राज्य में फैली दहशत..! लंपी स्किन डिजीज से इतने मामले हुए दर्ज, स्वास्थ्य विभाग की बढ़ी चिंता

Lumpy Skin Disease: इस राज्य में फैली दहशत..! So many cases registered due to lumpy skin disease, increased concern of health department

Edited By: , August 9, 2022 / 08:05 AM IST

पंजाब। Lumpy Skin Disease: एक तरफ जहां कोरोना और मंकीपॉक्स अपने पैर पसारे हुए हैं, वहीं एक और नए वायरस ने दहशत का माहौल बना दिया है। हरियाणा के करनाल में लंपी स्किन वायरस पैर पसार चुका है। जिसकी वजह से स्वास्थ्य विभाग और पशु पालकों की चिंता बढ़ गई है। पशुपालन विभाग ने दावा किया है, कि अब तक केवल 15 मामले सामने आए हैं। वहीं मिली जानकारी के मुताबिक, यह संख्या रिपोर्ट की तुलना में अधिक है। दरअसल लंपी त्वचा रोग कैप्रीपोक्स वायरस के कारण होता है, जो गायों और भैंसों को संक्रमित करता है।

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संक्रमण में हो सकती है वृद्धि

Lumpy Skin Disease: लंपी त्वचा रोग के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इस संक्रमण से मुख्य रूप से गायें संक्रमित हो रही हैं, वहीं भैंसों में संक्रमण की दर कम है। पशु चिकित्सा विशेषज्ञ के मुताबिक, आने वाले दिनों में यह संख्या और अधिक हो सकती है। हालांकि इस बीच करनाल में इस वायरस से किसी पशु की मौत नहीं हुई है, लेकिन गोवंश में फैली इस बीमारी से पशुपालक किसान काफी परेशान हैं, क्योंकि उन्हें नुकसान हो रहा है।

एडवाइजरी जारी की गई

Lumpy Skin Disease: पशुपालन के उप निदेशक डॉ धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि जिले में 15 मामलों का पता चला है, वहीं किसानों को एडवाइजरी भी जारी की गई है। किसानों को पशुओं में बुखार, आंखों और नाक से स्राव, मुंह से लार, शरीर पर गांठ जैसे छाले, दूध में कमी और चारा सेवन में कमी जैसे लक्षण दिखने के बाद संक्रमित मवेशियों का इलाज शुरू करना चाहिए।  उन्होंने कहा कि यह एक छूत की बीमारी है और मच्छर, टिक्स और मक्खियों के माध्यम से आसानी से फैलती है।

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संक्रामक बीमारी है लंपी, तेजी से फैलती है

Lumpy Skin Disease: पंजाब में संक्रमित मवेशियों की सूचना ज्यादातर डेयरी फार्मों से मिली है। ये बीमारी बहुत ही तेजी से फैलती है। इसके वाहक मच्छर , मक्खी , जूं  इत्यादि हैं। इन परजीवियों के काटने के बाद जब वो दूसरे जानवरों को काटते हैं, तो उनके खून से वायरस दूसरे जानवरों के शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। ये बीमारी सीधे संपर्क में आने से भी फैलती है इसके अलाव ये बीमारी दूषित भोजन से भी जानवरों में फैलती है। इस बीमारी से पशुओं में तमाम लक्षण दिखाई देने के साथ ही उनकी मृत्यु होने का भय भी बना रहता है।

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