चेन्नई, 22 जून (भाषा) तमिलनाडु विधानसभा में सोमवार को उस वक्त हल्का-फुल्का माहौल देखने को मिला, जब डीएमडीके विधायक प्रेमलता विजयकांत ने सुझाव दिया कि कर्मियों द्वारा पेयजल परोसे जाने की परंपरा को समाप्त करते हुए सदस्यों की मेजों पर पानी की बोतलें रख दी जाएं।
डीएमडीके विधायक के इस सुझाव पर पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम ने मजाकिया अंदाज में कहा कि यह अच्छा विचार है, लेकिन विधायकों के सामने पानी की बोतलें रखना उचित नहीं होगा क्योंकि सदन में तीखी नोकझोंक के दौरान वे उन्हें अपने विरोधियों पर फेंक सकते हैं।
इस पर द्रमुक के पूर्व मंत्री थंगम थेन्नारासु ने चुटकी लेते हुए कहा, ‘‘क्या माननीय सदस्य यह बात अपने व्यक्तिगत अनुभव से कह रही हैं?
उनकी इस टिप्पणी पर सदन में ठहाके गूंज उठे। उस वक्त मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन भी उपस्थित थे।
इसपर, प्रेमलता ने कहा कि ‘तन्नी’ (पानी) शब्द ने सदन में हमेशा ही विवाद उत्पन्न किया है — चाहे वह पीने का पानी हो, टीएएसएमएसी शराब मामला हो या कावेरी के पानी पर मेकेदातु बांध से जुड़ा मुद्दा हो।
यह घटनाक्रम उस वक्त हुआ, जब प्रेमलता 18 जून को सदन में दिये गए राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोल रही थीं।
डीएमडीके विधायक ने मुख्यमंत्री विजय को उनके जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और सुझाव दिया कि सरकार कर्मियों द्वारा विधायकों की मेजों पर पानी परोसने की व्यवस्था समाप्त कर दे तथा उसकी जगह पानी की कांच की बोतलें रखी जाएं। उनके इस सुझाव पर पन्नीरसेल्वम ने हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी की।
एडप्पाडी के. पलानीस्वामी द्वारा अन्नाद्रमुक से निष्कासित किये गए पन्नीरसेल्वम ने 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव से पहले द्रमुक का दामन थाम लिया था।
पन्नीरसेल्वम की टिप्पणी का जवाब देते हुए प्रेमलता ने कहा कि यदि कोई सदन में हिंसक व्यवहार करना चाहे, तो वह केवल पानी की बोतल ही नहीं बल्कि कोई भी वस्तु फेंक सकता है।
कुछ देर तक सदन में हल्का-फुल्का माहौल देखने को मिला और इस दौरान एक अन्य सदस्य कामराज ने बार-बार अपने स्थान पर खड़े होकर मुख्यमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं तथा उनके नेतृत्व की प्रशंसा की।
भाषा सुभाष नरेश
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