विवाद के बाद थरूर ने कहा: संसदीय समिति का जम्मू कश्मीर दौरा स्थिति के आकलन के लिए नहीं

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विवाद के बाद थरूर ने कहा: संसदीय समिति का जम्मू कश्मीर दौरा स्थिति के आकलन के लिए नहीं

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  • Publish Date - June 22, 2026 / 05:57 PM IST,
    Updated On - June 22, 2026 / 05:57 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

जम्मू, 22 जून (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ भेंट के बाद कहा था कि ‘‘सामान्य स्थिति को लाने के लिए प्रगति को बढ़ावा दिया जाना चाहिए’’, किंतु उनकी यह बात यहां उनकी पार्टी को अधिक रास नहीं आयी।

थरूर विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष हैं। यह समिति जम्मू-कश्मीर का दौरा कर रही है।

श्रीनगर में उपराज्यपाल के साथ एक तस्वीर साझा करते हुए थरूर ने रविवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, ‘‘हमने राज्य के हालात पर चर्चा की सामान्य स्थिति लाने में प्रगति को बढ़ावा दिए जाने की बात कही। जब मैं वहां पहुंचा, तो वह कश्मीरी लेखक संघ और महिला संगठन के अध्यक्षों से बातचीत कर रहे थे — यह एक सकारात्मक पहल थी जिसका मैंने स्वागत किया। अब भी कई चुनौतियां हैं और बहुत कुछ किया जाना बाकी है, लेकिन बैठक के बाद मैं पहले की तुलना में अधिक सकारात्मक महसूस कर रहा हूं।’’

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता रवींद्र शर्मा ने थरूर के पोस्ट पर आपत्ति जताई और कहा कि उन्हें कश्मीर के लोगों से मिलना चाहिए था।

उन्होंने कहा, ‘‘कश्मीर के लोग भी उम्मीद कर रहे थे कि आप उनसे मिलेंगे ताकि आप जमीनी हकीकत को बेहतर ढंग से समझ सकें।’’

शर्मा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया,‘‘कम से कम आप अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए थोड़ा समय तो निकाल सकते थे जो राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जम्मू कश्मीर के राज्य का दर्जा सात साल पहले छीन लिया गया था।’’

इस विवाद के बीच, थरूर ने सोमवार को कहा कि यह समिति घाटी में हालात का जायजा लेने के लिए जम्मू-कश्मीर नहीं आयी है, बल्कि इसका ध्यान सिर्फ़ विदेश मामलों से जुड़े मुद्दों पर है, जिनमें भारत-पाकिस्तान और भारत-चीन संबंध तथा पासपोर्ट सेवाएं शामिल हैं।

विदेश मामलों की 10 सदस्यों वाली संसदीय स्थायी समिति की अगुवाई करते हुए थरूर रविवार शाम जम्मू पहुंचे।

समिति ने सोमवार सुबह इलाके में पासपोर्ट कार्यालय और पासपोर्ट सेवा केंद्रों के कामकाज की समीक्षा करने से पहले वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की।

अपने बयान का बचाव करते हुए थरूर ने कहा कि उन्होंने अब तक सिर्फ़ उपराज्यपाल से मुलाकात की है और घाटी में ज़्यादा लोगों से बातचीत नहीं की है।

थरूर ने यहां पासपोर्ट ऑफिस के दौरे के दौरान पत्रकारों से कहा, ‘‘मुझे दूसरी चीज़ें देखने और दूसरे लोगों की बातें सुनने का मौका नहीं मिला है। इसलिए मैं यह साफ़ कर देना चाहता हूं कि यह दौरा कश्मीर घाटी में हालात का जायज़ा लेने के लिए नहीं है।’’

उन्होंने कहा, “हम यहां घरेलू मामलों को देखने नहीं आए हैं, यह हमारा काम नहीं है। हम विदेश मामलों की समिति हैं। बस इतना ही। मुझे बस यही कहना है।”

इस संसदीय समिति में सांसद असदुद्दीन ओवैसी, अरुण गोविल, अरविंद गणपत सावंत, विजय बघेल, के. लक्ष्मण, बी. एस. मुबारक, विकास कुमार और बी. एस. रावत भी हैं।

समिति मंगलवार को कश्मीर जाने से पहले सूचनाएं पाने के लिए सेना मुख्यालय और जम्मू सीमा का दौरा करेगी। अध्ययन के तहत उनके लद्दाख जाने का भी कार्यक्रम है।

इससे पहले, भाजपा सांसद गोविल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ वर्षों में काफी सुधार और विकास हुआ है।

भाजपा सांसद ने थरूर की आलोचना करने को लेकर कांग्रेस पार्टी पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि वह हमेशा सकारात्मक बदलावों का विरोध करती है। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस हर अच्छी चीज़ की आलोचना करती है। यह उसकी आदत बन गई है।’’

भाषा राजकुमार माधव

माधव