दिल्ली में वायु गुणवत्ता में गिरावट पर श्वेत पत्र जारी हो, संसदीय समिति संज्ञान ले: माकन

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दिल्ली में वायु गुणवत्ता में गिरावट पर श्वेत पत्र जारी हो, संसदीय समिति संज्ञान ले: माकन

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  • Publish Date - June 13, 2026 / 04:55 PM IST,
    Updated On - June 13, 2026 / 04:55 PM IST

नयी दिल्ली, 13 जून (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन ने दिल्ली में दिसंबर महीने और सर्दियों में वायु गुणवत्ता में गिरावट को लेकर शनिवार को श्वेत पत्र जारी करने की मांग की और संसद की पर्यावरण संबंधी स्थायी समिति से आग्रह किया कि वह इस विषय का संज्ञान ले।

माकन के इस आग्रह पर राज्यसभा सदस्य और कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि बतौर संसदीय समिति सदस्य वह इस विषय पर जल्द से जल्द विचार किए जाने का अनुरोध करेंगे।

माकन ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘आदरणीय जयराम रमेश जी, पर्यावरण संबंधी संसदीय समिति के अध्यक्ष के तौर पर, यह जानकारी आपके ध्यानार्थ है। सरकार का कहना है कि 2025 में दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ। हमने मौसम के असर को हटाकर, यानी 5 साल के हर घंटे का डेटा और 35,000 ‘डिसीजन ट्री’ (विश्लेषण मॉडल) का इस्तेमाल करके पूरा हिसाब-किताब निकाला है।’

माकन ने भूलवश रमेश को समिति के अध्यक्ष के तौर पर संबोधित किया, हालांकि वह अब इस समिति के सदस्य हैं। भाजपा की राज्यसभा सदस्य मेधा कुलकर्णी समिति की अध्यक्ष हैं।

कांग्रेस के कोषाध्यक्ष माकन ने दावा किया कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता का स्तर पिछले दिसंबर के मुकाबले 56 अंक ज़्यादा खराब रहा।

माकन ने कहा, ‘ सरकार का कहना है कि हवा का न चलना (स्टिल विंड्स) कारण है। अगर मौसम के असर को हटा भी दें, तो हवा का न चलना सिर्फ़ आधे असर की वजह है, बाकी के लगभग 24 अंक वास्तविक हैं, और इनकी ज़िम्मेदारी सरकार की है, न कि मौसम की।’

उन्होंने कहा, ‘हमारी तीन मांगें हैं। हर तिमाही में मौसम के असर का समायोजन करके बनाया गया सीज़नल स्कोरकार्ड जारी जो, चीन की तरह पराली जलाने के मौसम के लिए हर साल के लिए कड़े और अनिवार्य लक्ष्य तय हों और दिसंबर के 24 असल अंकों और सर्दियों में 29 अंकों की गिरावट पर एक श्वेत पत्र जारी हो।’

उन्होंने कहा कि सांस लेना एक बुनियादी अधिकार है, कोई सुविधा नहीं है।

उनके पोस्ट को साझा करते हुए रमेश ने कहा कि वह पर्यावरण संबंधी संसदीय समिति के अब अध्यक्ष नहीं, बल्कि सदस्य हैं और इस हैसियत से ही वह आग्रह करेंगे कि समिति इस विषय का जल्द से जल्द संज्ञान ले।

भाषा हक दिलीप पवनेश

पवनेश