पीडीपी विधायक पर्रा का ‘मां-बेटी और आने वाली नस्लें बचाओ’ विधेयक; गिरती प्रजनन दर पर जताई चिंता
पीडीपी विधायक पर्रा का 'मां-बेटी और आने वाली नस्लें बचाओ' विधेयक; गिरती प्रजनन दर पर जताई चिंता
श्रीनगर, 20 सितंबर (भाषा) पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के वरिष्ठ नेता और विधायक वहीद-उर-रहमान पर्रा ने जम्मू-कश्मीर में घटती प्रजनन दर से निपटने के लिए एक व्यापक ढांचा तैयार करने और महिलाओं एवं किशोरियों के स्वास्थ्य, शिक्षा तथा सामाजिक सहायता को मजबूत करने के उद्देश्य से एक निजी सदस्य विधेयक पेश करने का प्रस्ताव रखा है।
‘प्रोटेक्शन ऑफ कश्मीर्स फ्यूचर जेनरेशंस फ्रॉम डेमोग्राफिक डिक्लाइन एंड एडवांसमेंट ऑफ वूमेन, एडोलसेंट गर्ल्स, मैटरनल एंड चाइल्ड हेल्थ बिल, 2026’ नामक इस प्रस्तावित विधेयक को 21 सितंबर से शुरू होने वाले विधानसभा के 10-दिवसीय शरदकालीन सत्र में विचार के लिए विधानसभा सचिवालय भेजा गया है।
इस विधेयक को ‘मां-बेटी और आने वाली नस्लें बचाओ विधेयक, 2026’ के नाम से भी जाना जा रहा है। इसमें महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तीकरण से जुड़े उपायों को उन स्वैच्छिक और गैर-दबाव वाले कदमों के साथ जोड़ने का प्रस्ताव है, जिनका उद्देश्य लंबे समय तक प्रतिस्थापन स्तर से कम प्रजनन दर के प्रभावों से निपटना है।
विधेयक के उद्देश्यों और कारणों के विवरण में जम्मू-कश्मीर में ‘‘घटती प्रजनन दर और बदलती पारिवारिक संरचना’’ को प्रमुख जनसांख्यिकीय बदलावों के रूप में चिह्नित किया गया है।
इसमें राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 का हवाला देते हुए कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर में कुल प्रजनन दर प्रति महिला लगभग 1.4 बच्चे है, जो सामान्य प्रतिस्थापन स्तर 2.1 से कम है।
भाषा शोभना सुरेश
सुरेश

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