कॉजपा के प्रदर्शन स्थल व आसपास मौजूद लोग हत्या, बलात्कार, डकैती के आरोपी: पुलिस जांच में सामने आया

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कॉजपा के प्रदर्शन स्थल व आसपास मौजूद लोग हत्या, बलात्कार, डकैती के आरोपी: पुलिस जांच में सामने आया

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  • Publish Date - July 27, 2026 / 10:06 PM IST,
    Updated On - July 27, 2026 / 10:06 PM IST

नयी दिल्ली, 27 जुलाई (भाषा) दिल्ली में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शन स्थल और उसके आसपास मौजूद 2,873 लोगों की जांच की गई जिनमें से 980 से अधिक लोगों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड मिला। ‍‍‍वे हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, बलात्कार, अपहरण, महिलाओं के खिलाफ अपराध, अवैध हथियार और मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में कथित रूप से शामिल पाए गए। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।

जांच से जुड़े एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पुलिस विश्लेषण से पता चला है कि कम से कम 101 लोग पहले हत्या के मामलों में, 62 हत्या के प्रयास के मामलों में, 284 लूट और डकैती के मामलों में, 229 शस्त्र कानून के मामलों में, 135 झपटमारी के मामलों में, 19 अपहरण के मामलों में और 67 मामले मादक पदार्थ से जुड़े अधिनियम के तहत दर्ज मुकदमों में शामिल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इनमें से 61 लोग बलात्कार के मामलों में शामिल रहे हैं, 25 महिलाओं की लज्जा भंग करने या छेड़छाड़ से संबंधित मामलों में संलिप्त रहे हैं, जबकि छह पर लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मामला दर्ज था।

कॉजपा के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान हुई झड़पों की पृष्ठभूमि में यह सत्यापन किया गया।

पुलिस के अनुसार, इन झड़पों में 65 से अधिक प्रदर्शनकारी और 200 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सुरक्षा बलों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पैलेट गन का इस्तेमाल किया।

सूत्र के अनुसार, जंतर-मंतर पर और उसके आसपास भारी भीड़ जमा होने और उसके बाद 20 जुलाई को मार्च के दौरान हुई हिंसा के बाद यह सत्यापन शुरू किया गया था।

उन्होंने कहा कि इस कवायद का उद्देश्य आपराधिक संलिप्तता वाले लोगों की पहचान करना और प्रदर्शन स्थल पर आने वाले या उसके आसपास घूमने वाले व्यक्तियों की प्रकृति का आकलन करना था।

सूत्र ने कहा कि ये निष्कर्ष पुलिस डेटाबेस और ‘डोजियर सत्यापन’ प्रणालियों के माध्यम से की गई बड़ी जांच का हिस्सा हैं।

पुलिस के अनुसार, 2,873 व्यक्तियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की गई और उनमें से 989 को पूर्व में गंभीर आपराधिक मामलों में संलिप्त पाया गया। यह दर्शाता है कि जिन लोगों की जांच की गई उनमें से एक-तिहाई से अधिक का पुलिस रिकॉर्ड था।

पुलिस का कहना है कि यह सत्यापन विभिन्न जिला पुलिस इकाइयों और अन्य कानून लागू करने वाली एजेंसियों द्वारा रखे गए मौजूदा आपराधिक डेटाबेस और डोजियर रिकॉर्ड पर आधारित था।

सूत्र ने कहा, ‘विश्लेषण से पता चला है कि हत्या के मामलों से जुड़े 101 लोगों में से 42 दो या दो से अधिक आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं, जबकि 12 का आपराधिक इतिहास 10 या अधिक मामलों से जुड़ा है, जो गंभीर अपराधों में बार-बार शामिल होने का संकेत देता है।’

इसी तरह, हत्या के प्रयास के मामलों से जुड़े 62 लोगों में से 25 के खिलाफ दो या उससे अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।

पुलिस रिकॉर्ड से पता चला है कि 284 व्यक्ति पहले डकैती और लूट के मामलों में शामिल रहे हैं। उनमें से 155 दो या दो से अधिक आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं, जबकि 31 के आपराधिक इतिहास में 10 या उससे अधिक मामले शामिल हैं, जिससे पता चलता है कि कई लोग आदतन अपराधी हैं।

जांच में 61 लोग ऐसे भी पाए गए, जो बलात्कार के मामलों में शामिल थे। पुलिस रिकॉर्ड से पता चला कि उनमें से आठ लोग दो या अधिक आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं।

सूत्र के अनुसार, महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों का सामना कर रहे लोगों में से छह के खिलाफ दो या अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।

सत्यापन से अवैध हथियारों से संबंधित अपराधों में व्यापक संलिप्तता का भी पता चला।

पुलिस रिकॉर्ड से पता चला है कि नशीले पदार्थों के अपराधों से जुड़े लोगों में से नौ लोग दो या उससे अधिक आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं।

सूत्र ने कहा, ‘इस जांच का उद्देश्य प्रदर्शन स्थल पर और उसके आसपास मौजूद लोगों की आपराधिक पृष्ठभूमि की पहचान करना और आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा की जांच कर रहे जांचकर्ताओं की सहायता करना था।’

पुलिस सूत्रों ने बताया कि ये निष्कर्ष विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की जांच का हिस्सा बनेंगे।

भाषा नोमान नोमान दिलीप

दिलीप