मनीष सिसोदिया के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका खारिज

मनीष सिसोदिया के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका खारिज

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  • Publish Date - January 17, 2026 / 08:04 PM IST,
    Updated On - January 17, 2026 / 08:04 PM IST

नयी दिल्ली, 17 जनवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने 2020 के विधानसभा चुनावों में पटपड़गंज से आम आदमी पार्टी (आप) नेता मनीष सिसोदिया के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका शनिवार को खारिज कर दी।

न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय राष्ट्रवादी पार्टी के उम्मीदवार के रूप में सिसोदिया के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले प्रताप चंद्र अपनी चुनाव याचिका में कोई पुख्ता कारण गिनाने और उसके समर्थन में साक्ष्य पेश करने में विफल रहे हैं।

सिसोदिया ने 70,163 वोट हासिल कर पटपड़गंज विधानसभा सीट पर जीत दर्ज की थी। वहीं, प्रताप चंद्र को केवल 95 वोट मिले थे।

प्रताप चंद्र ने दलील दी थी कि उन्होंने कानून का कड़ाई से अनुपालन किया था और चुनाव से दो दिन पहले प्रचार करना बंद कर दिया था, लेकिन अन्य राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों ने मतदान के दिन तक प्रचार जारी रखा, जिससे चुनाव प्रक्रिया की शुचिता प्रभावित हुई और उन्हें निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का अवसर नहीं मिला।

याचिकाकर्ता ने दावा किया था कि सिसोदिया ने अपने नामांकन पत्र में इस बात का खुलासा नहीं किया कि उनके खिलाफ 2013 में राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम 1971 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि याचिकाकर्ता ने केवल “सामान्य आरोप” लगाए हैं, बिना उन महत्वपूर्ण तथ्यों को बताए, जो कानून में चुनाव याचिका की स्वीकार्यता के मूल में हैं।

फैसले में कहा गया है कि मतदान से पहले “मौन अवधि” के उल्लंघन का आरोप लगाने के लिए याचिकाकर्ता की ओर से पेश की गई तस्वीरों में केवल पार्टी के चुनाव चिह्न और नाम वाले सामान्य होर्डिंग दिखाए गए हैं, जिनमें सिसोदिया का कोई विशेष उल्लेख नहीं है।

इसमें कहा गया है, “याचिकाकर्ता यह साबित करने में विफल रहा है कि ये होर्डिंग प्रतिवादी की जानकारी, सहमति या अनुमति से लगाए गए थे। यह आरोप कि इस तरह के होर्डिंग जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा-126 के तहत ‘प्रचार’ के समान हैं, स्वीकार नहीं किया जा सकता।”

भाषा पारुल अविनाश

अविनाश