Petrol Pump Closed, Petrol-Diesel Shortage: अब भारत में पेट्रोल-डीजल का हुआ संकट? इन शहरों में बंद कर दिए गए पेट्रोल पंप, भाजपा सरकार ने लिया संज्ञान / Image: IBC24 Customized
विजयवाड़ा: Petrol Pump Closed Petrol-Diesel Shortage ईरान और अमेरिका के बीच जारी जंग के चलते दुनिया के कई देशों में ईंधन का संकट आन पड़ा है। हालात ऐसे हैं कि पाकिस्तान सहित कई दशों में लॉकडाउन लगा दिया गया है। वहीं, गैस और ईंधन के दाम में तेजी से बढ़ोतीरी हो रही है। लेकिन इस बीच खबर आ रही है कि भारत में भी पेट्रोल-डीजल की किल्लत होनी शुरू हो गई है, जिसके बाद पेट्रोल पंपों को बंद कर दिया गया है। वहीं, हालात बिगड़ने के बाद खुद प्रदेश के सीएम ने संज्ञान लिया है और रिपोर्ट मांगी है ताकि समस्या से जल्द से जल्द निपटा जा सके।
Petrol Pump Closed Petrol-Diesel Shortage मिली जानकारी के अनुसार दक्षिणी राज्य आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा, गुंटूर, राजमुंद्री, कुरनूल और नेल्लोर सहित कई शहरों में पेट्रोल पंपों को बंद कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि प्रदेश के 4,510 में से 421 पेट्रोल पंपों को बंद कर दिया गया है। डीलरों की मानें तो स्टॉक खत्म होने के बाद पंपों पर नो फ्यूल का बोर्ड लगाना पड़ा है। लेकिन बड़ी बात ये है कि देश में ईंधन की सप्लाई सुचारू होने के बाद भी यहां पेट्रोल पंप बंद क्यों कर दिए गए हैं।
दरअसल वीकेंड पर, सोशल मीडिया पर कई ऐसी पोस्ट्स वायरल होने लगीं जिनमें कहा जा रहा था कि ईरान अमेरिका युद्ध अभी और बढ़ने वाला है और ईंधन की कमी हो जाएगी। इसके कारण लोग घबराकर खरीदारी करने लगे। अधिकारियों ने बताया कि कई जगहों पर हजारों लोग पेट्रोल पंपों के बाहर खड़े हो गए और जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदने लगे जिसकी वजह से कमी हो गई। आंध्र प्रदेश पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण ने बताया कि कई पेट्रोल पंपों पर डीजल की भारी कमी है। उन्होंने कहा कि औसतन वे 7000 लीटर से अधिक डीजल बेचते हैं, लेकिन अब घबराहट में हो रही खरीदारी के कारण 14,000 लीटर से अधिक डीजल बिक रहा है।
वहीं, कई जगह पर पेट्रोल पंप कर्मचारियों द्वारा स्टॉक खत्म होने के बोर्ड लगाने पर वाहन चालकों और पेट्रोल पंप कर्मचारियों के बीच तीखी बहस हुई। प्रसिद्ध पहाड़ी तीर्थ तिरुमाला में भी परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई। यहां दो पेट्रोल पंपों पर स्टॉक खत्म हो गया था। पेट्रोल और डीजल की कमी ने विजयवाड़ा, गुंटूर, राजमुंद्री, कुरनूल और नेल्लोर सहित कई शहरों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया।
इस बीच, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने एक्शन लिया है। उन्होंने जिला कलेक्टरों को तेल की कमी की समस्या से निपटने के लिए तुरंत एक कार्य योजना लागू करने और समस्या के समाधान के लिए विभिन्न विभागों द्वारा उठाए गए कदमों पर सोमवार शाम तक रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने स्थिति का जायजा लेने के लिए मुख्य सचिव जी साई प्रसाद और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ टेलीकॉन्फ्रेंस भी की। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि शनिवार को डीलरों को 10,345 किलो लीटर पेट्रोल और 14,156 किलो लीटर डीजल की आपूर्ति की गई, लेकिन घबराहट में खरीदारी के कारण कई आउटलेट्स पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी।