बंगाल में शून्य नामांकन वाले 4,133 स्कूलों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा
बंगाल में शून्य नामांकन वाले 4,133 स्कूलों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा
कोलकाता, 18 सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल सरकार ने जिलों के प्रशासन को शून्य नामांकन वाले 4,133 स्कूलों का निरीक्षण करने और यह आकलन करने का निर्देश दिया है कि क्या उनकी अवसंरचना का इस्तेमाल किसी अन्य सार्वजनिक कार्य के लिए किया जा सकता है। राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन ने शुक्रवार को यह जानकारी दी और कहा कि जहां तक व्यावहारिक होगा, इन संस्थानों को फिर से शुरू करने की संभावना को खुला रखा जाएगा।
शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि यह कदम हाल ही में जारी ‘यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस’ (यूडीआईएसई+) के आंकड़ों के बाद उठाया गया है। इन आंकड़ों के अनुसार, देश में शून्य नामांकन वाले 5,663 स्कूलों में से 4,133 पश्चिम बंगाल में हैं।
अधिकारी ने कहा, ‘‘इन स्कूलों के लिए 19,502 शिक्षकों के नाम दर्ज हैं।’’ बर्मन ने कहा कि ‘यूडीआईएसई+’ के आंकड़े कुछ निजी स्कूलों द्वारा अपलोड किए गए डेटा में विसंगतियों को दर्शाते प्रतीत होते हैं।
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘कई स्कूलों ने डेटा सही तरीके से अपलोड नहीं किया। कुछ ने शिक्षकों की जानकारी तो अद्यतन की, पर छात्रों का विवरण नहीं दिया। इसलिए ऐसे स्कूलों में छात्रों की संख्या शून्य दिख रही है, जबकि वहां शिक्षक मौजूद हैं।’’
उन्होंने कहा कि ये विसंगतियां प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और माध्यमिक समेत विभिन्न श्रेणियों के स्कूलों से जुड़ी हैं। हालांकि, राज्य सरकार द्वारा संचालित और सहायता प्राप्त संस्थान इस श्रेणी में शामिल नहीं हैं।
मंत्री ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग ने हाल ही में सभी जिलों को निर्देश दिया है कि वे शून्य नामांकन वाले स्कूलों के भौतिक सत्यापन के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति गठित करें और उनकी भूमि, इमारतों तथा अन्य बुनियादी ढांचे की सूची तैयार करें।
उन्होंने कहा, ‘‘समितियों को इन परिसंपत्तियों की भौतिक स्थिति, बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता और स्थानीय जरूरतों के आधार पर अन्य सार्वजनिक कार्यों के लिए उनकी उपयुक्तता का आकलन करने को भी कहा गया है। रिपोर्ट दिसंबर 2027 तक जमा करनी होगी।’’
उन्होंने कहा कि इनके संभावित वैकल्पिक उपयोगों में प्रशिक्षण केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र और अन्य सामुदायिक या सार्वजनिक सेवा से जुड़ी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं।
शिक्षा विभाग के अधिकारी ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि नवीनतम यूडीआईएसई आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में 6,769 ऐसे स्कूल हैं जहां केवल एक शिक्षक है और इनमें 2,29,569 छात्र पढ़ते हैं।
भाषा संतोष नरेश
नरेश

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