प्रधानमंत्री मोदी ने ‘बेहद तनावपूर्ण’ वैश्विक माहौल के बीच स्थायी शांति की अपील की

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प्रधानमंत्री मोदी ने 'बेहद तनावपूर्ण' वैश्विक माहौल के बीच स्थायी शांति की अपील की

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  • Publish Date - April 16, 2026 / 06:57 PM IST,
    Updated On - April 16, 2026 / 06:57 PM IST

(फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि दुनिया एक ‘बेहद तनावपूर्ण’ स्थिति से गुजर रही है, जिससे सभी देश प्रभावित हो रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने यूक्रेन और पश्चिम एशिया में स्थायी शांति लाने की अपील की, क्योंकि सैन्य संघर्ष से किसी भी समस्या का हल नहीं हो सकता।

मोदी ने ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर के साथ व्यापक वार्ता के बाद यह टिप्पणी की, जिसमें व्यापार, रक्षा और अवसंरचना के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

अपनी वार्ता में, मोदी और स्टॉकर ने पश्चिम एशिया और यूक्रेन में संघर्षों के वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की और उन्हें कम करने के लिए संयुक्त रूप से काम करने का संकल्प लिया।

ऑस्ट्रिया के चांसलर विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से चार दिवसीय यात्रा पर मंगलवार को नयी दिल्ली पहुंचे। भारत की यह उनकी पहली आधिकारिक यात्रा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मीडिया बयान में कहा, ‘‘पूरी दुनिया बहुत ही गंभीर और तनावपूर्ण स्थिति से गुजर रही है। और यह स्थिति हम सब को प्रभावित कर रही है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे तनावपूर्ण वैश्विक माहौल में, भारत और ऑस्ट्रिया इस बात पर एकमत हैं कि सैन्य संघर्ष से समस्याओं का हल नहीं हो सकता। चाहे यूक्रेन हो या पश्चिम एशिया, हम एक स्थिर, टिकाऊ और स्थायी शांति का समर्थन करते हैं।”

मोदी ने कहा, “हम इस बात पर भी सहमत हैं कि बढ़ती वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक संस्थानों में सुधार आवश्यक है और आतंकवाद का उन्मूलन हमारी साझा प्रतिबद्धता है।’’

मोदी-स्टॉकर वार्ता के बाद, दोनों पक्षों ने छह समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिनमें एक समझौता भारतीय और ऑस्ट्रियाई कंपनियों को एक-दूसरे के यहां निवेश करने में सहायता के लिए एक त्वरित तंत्र स्थापित करने से संबंधित है। सैन्य क्षेत्र में सहयोग के लिए भी एक समझौता किया गया।

अपने संबोधन में, मोदी ने स्टॉकर की यात्रा को “अत्यंत महत्वपूर्ण” बताया और भारत में रेलवे के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा पहल सहित कई इंजीनियरिंग परियोजनाओं में ऑस्ट्रियाई कंपनियों की भागीदारी का उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत-यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता होने के बाद, भारत और यूरोपीय संघ के संबंधों में एक नया स्वर्णिम अध्याय शुरू हो गया है। चांसलर स्टॉकर की यात्रा के साथ, हम भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों को भी एक नए युग में ले जा रहे हैं।”

मोदी ने कहा कि चांसलर की यात्रा द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों में “नयी ऊर्जा का संचार” करेगी। उन्होंने कहा, “हमें खुशी है कि वह एक व्यापक दृष्टिकोण और एक बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत आए हैं। ऑस्ट्रिया की विशेषज्ञता को भारत की गति और व्यापकता के साथ मिलाकर, हम पूरी दुनिया के लिए विश्वसनीय प्रौद्योगिकी और आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करेंगे।”

उन्होंने कहा, “हम रक्षा, सेमीकंडक्टर, क्वांटम और जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी अपनी साझेदारी को मजबूत करेंगे।”

भाषा अविनाश नरेश

नरेश