प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिटेन के अपने समकक्ष बर्नहम से बातचीत की

प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिटेन के अपने समकक्ष बर्नहम से बातचीत की

प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिटेन के अपने समकक्ष बर्नहम से बातचीत की
Modified Date: July 31, 2026 / 07:33 pm IST
Published Date: July 31, 2026 7:33 pm IST

नयी दिल्ली, 31 जुलाई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ब्रिटेन के उनके समकक्ष एंडी बर्नहम ने शुक्रवार को भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी को ‘‘नयी ऊंचाइयों’’ पर ले जाने और हाल ही में लागू हुए द्विपक्षीय व्यापार समझौते से मिलने वाले व्यापार और निवेश के अवसरों का पूरा लाभ उठाने का संकल्प लिया।

मोदी और बर्नहम ने फोन पर बातचीत के दौरान दोनों देशों के संबंधों के अहम पहलुओं पर चर्चा की।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने बर्नहम को शीर्ष पद संभालने पर बधाई दी और उनके सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा, ‘‘हम प्रौद्योगिकी, नवाचार, रक्षा, सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, शिक्षा और दोनों देशों के लोगों से लोगों के आपसी संबंधों जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करने और भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सहमत हुए।’’

मोदी ने कहा, ‘‘हम दोनों देशों के लोगों की साझा समृद्धि और कल्याण के लिए हाल ही में लागू हुए भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते से मिलने वाले व्यापार और निवेश के अवसरों का पूरा लाभ उठाने के लिए भी मिलकर काम करेंगे।’’

इस बीच, ब्रिटेन की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि बर्नहम ने बातचीत की शुरुआत ब्रिटेन-भारत साझेदारी की मजबूती और ब्रिटेन के स्थानीय समुदायों पर इसके महत्वपूर्ण प्रभाव का जिक्र करते हुए की।

इसमें कहा गया, ‘‘प्रधानमंत्री ने ब्रिटेन-भारत संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने की अपनी महत्वाकांक्षाएं बताईं, जिसमें ब्रिटेन-भारत विजन 2035 कार्य ढांचा और लोगों से लोगों के बीच मजबूत संबंध शामिल हैं।’’

बयान के अनुसार, बर्नहम ने ब्रिटिश समाज में भारतीय समुदायों के योगदान की सराहना की जबकि मोदी ने दोनों नेताओं के अपने गृह नगरों – मैनचेस्टर और गुजरात के अहमदाबाद (जिसे उन्होंने भारत का मैनचेस्टर कहा) – के संबंधों का जिक्र किया।

इसमें आगे कहा गया कि व्यापार के मुद्दे पर मोदी ने हाल ही में शुरू किए गए मुक्त व्यापार समझौते के महत्व पर जोर दिया जिससे दोनों देशों के लोगों के लिए अवसर पैदा होंगे।

भाषा अविनाश नरेश

नरेश


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