नयी दिल्ली, 22 सितंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को देश में गैंडा संरक्षण के प्रयासों की सराहना की और कहा कि संकटग्रस्त प्रजाति के संरक्षण, उसके पर्यावास के प्रबंधन एवं उसकी संख्या की स्थिति को समझने के लिए संबंधित राज्यों को वित्तीय एवं तकनीकी सहायता देने के वास्ते ‘प्रोजेक्ट राइनो’ शुरू किया गया है।
विश्व गैंडा दिवस के अवसर पर मोदी ने कहा कि देश दुर्लभ एक सींग वाले गैंडे के संरक्षण पर गौरव व्यक्त करता है और इसकी रक्षा के लिए अग्रिम पंक्ति में जुटे सभी लोगों के प्रयासों की सराहना करता है।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “दुनिया के गैंडों की कुल संख्या का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा अब असम में है और गैंडों के शिकार को खत्म करने के लिए काजीरंगा के प्रयासों की व्यापक रूप से सराहना की गई है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक ओर बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में गैंडे या तो वापस लौट आए हैं या अच्छी तरह संरक्षित हैं, वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के दुधवा में गैंडों को फिर से बसाने की सफलता इतिहास रच रही है।
उन्होंने कहा, “यह संबंधित राज्यों में वन्यजीव संरक्षण और सक्रिय वन्यजीव प्रबंधन के प्रति हमारे लोगों की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
देश में प्रजाति संरक्षण के प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए मोदी ने कहा कि उन्हें यह साझा करते हुए प्रसन्नता हो रही है कि संबंधित राज्यों को संरक्षण, पर्यावास प्रबंधन, आनुवंशिक सुधार और गैंडों की संख्या की स्थिति को समझने के लिए वित्तीय एवं तकनीकी सहायता देने के वास्ते ‘प्रोजेक्ट राइनो’ शुरू किया गया है।
विश्व गैंडा दिवस सभी पांच गैंडा प्रजातियों और उन्हें बचाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने का दिन है। वर्ष 2011 से दुनिया भर के गैंडा विशेषज्ञ और समर्थक हर साल 22 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्व गैंडा दिवस मनाते हैं।
भाषा अमित प्रशांत
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