मोहाली, 25 जनवरी (भाषा) पंजाब पुलिस ने रविवार को कहा कि उसने वित्तीय मदद करने वाले एक व्यक्ति की गिरफ्तारी के साथ ही अंतरराज्यीय और सीमा पार नार्को-आतंकवादी मॉड्यूल की एक प्रमुख वित्तीय कड़ी का भंडाफोड़ किया है।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बताया कि आरोपी की पहचान संगरूर जिले के पुन्नेवाल गांव निवासी सतनाम सिंह (22) के रूप में हुई है।
उन्होंने बताया कि सतनाम एक निजी कंपनी में टैक्सी चालक के रूप में काम करता था और वह पिछले जून में पर्यटक वीजा पर अजरबैजान गया था, जहां वह पाकिस्तान के एक मादक पदार्थ तस्कर के संपर्क में आया था।
यह घटनाक्रम बिहार में भारत-नेपाल सीमा के निकट रक्सौल से एक प्रमुख नार्को-आतंकवादी एजेंट, राजबीर सिंह उर्फ फौजी की गिरफ्तारी की गहन जांच के बाद सामने आया है, जब वह पड़ोसी देश भागने की कोशिश कर रहा था।
यादव ने एक बयान में कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि सतनाम ने पाकिस्तान स्थित एक मादक पदार्थ तस्कर के इशारे पर काम करते हुए, हेरोइन तस्करी की रकम को अपने बैंक खाते और यूपीआई के जरिए भेजकर आतंकी वित्तपोषण में मदद की।
डीजीपी ने कहा कि इस नेटवर्क का संबंध हेरोइन की भारी बरामदगी, अवैध हथियारों की तस्करी और नवंबर 2025 में हरियाणा के सिरसा में हुए ग्रेनेड हमले से है।
विशेष अभियान प्रकोष्ठ के सहायक महानिरीक्षक दीपक पारिक ने बताया कि पूछताछ के दौरान राजबीर ने खुलासा किया कि पिछले सितंबर में भारत लौटने के बाद, पाकिस्तान स्थित तस्कर ने उससे दोबारा संपर्क किया और उसे मादक पदार्थ नेटवर्क के लिए काम करने का प्रस्ताव दिया, साथ ही वित्तीय लेन-देन में सहायता करने के बदले कमीशन देने की पेशकश भी की।
अधिकारी ने बताया कि मादक पदार्थ से प्राप्त धन सतनाम के खाते में जमा किया गया और बाद में नेटवर्क के अन्य सदस्यों को भेज दिया गया।
उन्होंने बताया कि राजबीर ने तरन तारन निवासी गुरजंत सिंह के खाते का इस्तेमाल करके सतनाम के खाते में धनराशि हस्तांतरित की। उन्होंने बताया कि गुरजंत को हरियाणा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
भाषा
देवेंद्र दिलीप
दिलीप