नयी दिल्ली, 13 जून (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को फ्रांस और स्लोवाकिया की एक सप्ताह की यात्रा पर रवाना हुए। इस दौरान वह जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे और विभिन्न द्विपक्षीय तथा वैश्विक मुद्दों पर विश्व नेताओं के साथ चर्चा करेंगे।
यात्रा पर रवाना होने से पहले मोदी ने एक वक्तव्य में कहा कि भारत की रणनीतिक दूरदृष्टि में फ्रांस का एक खास स्थान है, जबकि स्लोवाकिया की उनकी यात्रा एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है और यह दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों को और आगे बढ़ाएगी। यह 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इस देश की पहली यात्रा होगी।
मोदी ने कहा, ‘‘भारत की रणनीतिक दूरदृष्टि में फ्रांस का खास स्थान है। इसी वर्ष राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भारत आए थे और हमने अपने संबंधों को विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं नीस में राष्ट्रपति मैक्रों से मुलाकात करूंगा, तब हम फरवरी के बाद हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे और सहयोग के अगले चरणों की रूपरेखा तय करेंगे। मैं परस्पर हितों के महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा के लिए उत्सकु हूं।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ ब्रातिस्लावा में चर्चा को लेकर उत्साहित हैं।
मोदी ने कहा कि फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में भारत की भागीदारी, भारत के प्रति उसके साझेदार देशों के विश्वास और उसकी बढ़ती वैश्विक भूमिका को दर्शाती है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह लगातार आठवां जी-7 शिखर सम्मेलन है, जिसमें भारत को आमंत्रित किया गया है। जी-7 में भारत केवल अपनी बात ही नहीं रखेगा, बल्कि ‘ग्लोबल साउथ’ की आकांक्षाओं को भी आवाज देगा।’’
भाषा गोला शोभना
शोभना