PM Modi Speech LIVE: मिडिल-ईस्ट में तनाव पर PM मोदी का संसद में संबोधन, कहा- ‘लंबे समय तक ऐसी स्थिति बने रहने के गंभीर परिणाम होंगे’

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PM Modi Speech LIVE: मिडिल-ईस्ट में तनाव पर PM मोदी का संसद में संबोधन, कहा- 'लंबे समय तक ऐसी स्थिति बने रहने के गंभीर परिणाम होंगे'

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  • Publish Date - March 24, 2026 / 02:37 PM IST,
    Updated On - March 24, 2026 / 02:45 PM IST

PM Modi Speech LIVE | Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • ईरान-इजराइल युद्ध से भारत की ऊर्जा और व्यापार आपूर्ति प्रभावित
  • भारत 41 देशों से ऊर्जा आयात कर रहा है, आत्मनिर्भरता पर जोर
  • पीएम मोदी ने डायलॉग और डिप्लोमेसी से शांति बहाली की अपील की

नई दिल्ली: PM Modi Speech LIVE  ईरान-इजराइल के बीच जारी भीषण जंग ने जहां पूरी दुनिया को संकट में डाल दिया है। इस संघर्ष का असर अब दूसरे इलाकों में भी दिखने लगा है। इसी बीच आज एक बार फिर पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी जंग उभरे संकट पर बात की। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने कहा कि पश्विम एशिया संकट से भारत में स्थिति चिंताजनक है। हमारे व्यापार के रास्ते प्रभावित हो रहे हैं। गैस-तेल जैसे जरूरी सामान की सप्लाई प्रभावित हो रही है। हम युद्ध से प्रभावित सभी देशों के साथ संपर्क में है। हम ईरान, इजराइल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं। हमारा मकसद, डायलॉग और डिप्लोमेसी के जरिए क्षेत्र में शांति की बहाली का है।

PM Modi Speech LIVE: लंबे समय तक ऐसी स्थिति बने रहने के गंभीर परिणाम होंगे

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि लंबे समय तक ऐसी स्थिति बने रहने के गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने कहा कि कोई भी संकट हमारे हौसले और प्रयास की परीक्षा लेता है। देश ऐसे संकटों का सामना कर सके, इसके लिए 12 सालों में लगातार फैसले लिए गए।

भारत 41 देशों से एनर्जी इम्पोर्ट करता है

पहले भारत में 27 देशों से एनर्जी इम्पोर्ट किया जाता था। आज 41 देशों से एनर्जी इम्पोर्ट किया जाता है। हमने कच्चे तेल के भंडार को भी प्राथमिकता दी है। बीते 10 साल में रिफआइनिंग कैपेसिटी भी बढ़ाई गई है। देश को भरोसा देना चाहता हूं कि भारत के पास क्रूड ऑयल की निरंतर सप्लाई की व्यवस्था है। सरकार घरेलू गैस सप्लाई में एलपीजी के अलावा पीएनजी पर भी जोर दे रही है।

मौजूदा संकट ने पूरी दुनिया को भुला दिया

पीएम ने कहा कि बीते सालों में सरकार की कोशिश रही है कि दूसरे देशों पर निर्भरता कम से कम हो। हम आत्मनिर्भर हों, यही एकमात्र विकल्प है। 90 फीसदी से ज्यादा ट्रेड जहाजों पर होता है। यह वैश्विक संकट में ऐसी स्थिति को और गंभीर बना देती है। बीते दशक में किए गए प्रयासों से भारत अपने जरूरतों के अधिकांश हथियार भारत में बना रहा है। एक समय था, जब भारत जीवन रक्षक दवाइयों के लिए दूसरे पर निर्भर था। रेयर अर्थ मीनिरल में निर्भरता को लेकर भी बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। मौजूदा संकट ने पूरी दुनिया की इकॉनोमी को हिला दिया है। वेस्ट एशिया में जो नुकसान हुआ है, उससे उबरने में बहुत समय लगेगा। भारत पर इसका कम असर हो, इसके लिए लगातार कोशिश की जा रही है। सरकार पल-पल बदलते हालत पर नजर रख रही है।

देखें लाइव

इन्हें भी पढ़ें:-

ईरान-इजराइल युद्ध का भारत पर क्या असर है?

भारत के व्यापार मार्ग और ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिससे आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।

भारत कितने देशों से ऊर्जा आयात करता है?

भारत अब 41 देशों से ऊर्जा आयात करता है, पहले यह संख्या 27 थी।

पीएम मोदी ने क्या समाधान सुझाया है?

उन्होंने कहा कि डायलॉग और डिप्लोमेसी के जरिए क्षेत्र में शांति बहाली जरूरी है।